आमा खाव, मजा पाव

आमा खाव, मजा पाव

Gulal Prasad Verma | Updated: 14 Jun 2019, 05:13:52 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

खान-पान

ग रमी के मौसम आते साठ सब झन ल आमा के सुरता आथे। लइकामन ह सरी मंझनिया आमा टोरे ल जाथे अउ घर म आ के नून,मिरचा संग खाथें। लइकामन ल आमा चोरा के खाय बर बहुत मजा आथे। मंझनिया होथे तहान आमा बगीचा म आमा चोराय ल जाथें।
आमा एक परकार के रसीला फल होथे। ऐला भारत म फल के राजा बोले जाथे। आमा ल अंगरेजी म मैंगो कहिथे। ऐकर बिग्यानिक नांव मेंगीफेरा हे।
आमा के किसम
आमा कतकोन किसम के होथे। सुवाद घलो अलग-अलग होथे। जइसे- तोतापरी आमा, सुंदरी आमा, लंगडा आमा, राजापुरी आमा, पैरी अउ बंबइया आमा।
फल के राजा
आमा ल फल के राजा कहे जाथे। आमा ल फल के राजा काबर कहिथे जबकि सबो फल ह सुवास्थवरधक होथे। दरअसल भारतीय आमा अपन सुवाद बर दुनियाभर म मसहूर हे। भारत म मुख्य रूप से 12 किसम के आमा होथे।
आमा के उपयोग
आमा के उपयोग सिरिफ फल के तौर न नइ, बल्कि सब्जी, चटनी, पना, रस, कैंडी, अथान, खटाई, सेक, अमावट ;आमा पापड़ अउ बहुत से खाये- पीये के जिनिस के सुवाद बढ़ाय बर करे जाथे।
आमा के फायदा
आमा के बहुत से फायदा घलो हे। जइसे - कैंसर से बचाव। आमा म मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कोलोन कैंसर, ल्यूकोमिया अउ परोस्टेस्टेट कैंसर के बचाव म फायदामंद हे। ऐमा बहुत से तत्व होथे जउन कैंसर से बचाव म मददगार होथे।
आंखी के रोसनी बाढ़थे - आमा म विटामिन भरपूर होथे जउन आंखी बर बरदान हे। ऐकर से आंखी के रोसनी बने रहिथे।
त्वचा बर फायदामंद हे- आमा के गुदा ल चेहरा म लगाय से चेहरा म निखार आथे।
पाचन ल ठीक रखथे- आमा म कतकोन किसम के एंजाइम होथे जेहा परोटीन ल तोड़े के काम करथे। ऐकर से खाना जल्दी पच जथे।
गरमी से बचाव - गरमी के दिन म कहीं घर से बाहर निकले बर रहिथे त एक गिलास आमा के पना पीके निकले बर चाही। ऐकर से लू नइ लगय।

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