घुरवा खातू के महत्तम

खेती-किसानी

By: Gulal Verma

Published: 12 Jul 2021, 04:20 PM IST

छत्तीसगढ़ राज ह पूरा दुनिया म अपन खेती- किसानी बर जाने जाते। इहां जुन्ना ढंग के संगे-संग नवा ढंग ले घलो खेती किसानी होथे। खेती-किसानी के जरूरी चीज म बीजा, पानी के बाद जेकर नाव आथे वो हरय खातू। वइसे तो आनी-बानी के रसायनिक खातू ल किसानमन बउरथें। फेर.घुरवा के खातू ह अपन एक अलग पहिचान रखथे।
गोबर खातू बनाय बर वइसे तो बिग्यानिक ढंग ले पढ़े-लिखेमन आनी-बानी के उदिम करत हें अउ बड़ बढिय़ा ढंग ले गोबर खातू बनावत हें। जेकर मांग दिनोदिन सबो जगा बाढ़त घलो जावत हे। फेर, छत्तीसगढ़ म बहुत पहिली ले घुरवा ल गोबर खातू बनाय बर बउरे जाथे। घुरवा म ना सिरिफ गोबर, बल्किन रोजमररा के जिनगी म खइता होवइया कचरामन ल घलो डारे जाथे। जेहा बछरभर म गोबर संग सड़ के गोबर खातू म मिझर जथे अउ बढिय़ा खातू बनाथे।
घुरवा के खातू ल सबो किसम के किसानी म बउरे जाथे। फेर, धान के खेती म ऐला बने ढंग ले किसानमन बउरथें। घुरवा के खातू के असल फायदा किसानमन ऐला बछर के बछर खेत म पाल के लेथें। जेन जगा म घुरवा खातू थोकिन जादा पर जथे वो जगा के फसल गुच्छा म अउ बने पोठ पैदा होथे। घुरवा खातू ह रसायनिक खातू के खपत ल बहुत कम कर देथे। अउ ऐला बनाय म कोनो खरचा घलो नइये।
फायदेमंद होथे घुरवा खातू ह
भारत असन आगू बढ़त देस जेकर छत्तीसगढ़ असन खेती-किसानी परमुख राज बर घुरवा खातू हरदफे ही फायदेमंद रइही। घुरवा खातू ले पैदावार तो जादा होथे ही संगे-संग ऐकर ले उपजे अन्न म रसायनिक खातू असन जहरीला कोनो चीज नइ राहय। घुरवा खातू ले उपजे अन्न हमर देह बर बहुत फायदेमंद घलो होथे। घुरवा खातू के नुकसान देखबो त फायदा के तुलना म बहुत कम हे। काबर कि रोजमररा के कचरा ल कहूं न कहूं तो फेंके बर हे। तभो ले नुकसान के डहर ले देखथन त घुरवा एक खुल्ला कचरा पेटी कस होथे। जेमा पानी भर जथे त भुसंड़ी (मच्छर) अउ गंदगी म माझी बाढ़ जथे। जेकर ले कभु-कभु आनी-बानी के बीमारी हो सकत हे।

Gulal Verma Desk
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