छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन वाले बूथों पर राहुल और अमित शाह की नजर

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन वाले बूथों पर राहुल और अमित शाह की नजर

Ashish Gupta | Publish: Sep, 03 2018 05:48:02 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

विधानसभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहीं भाजपा और कांग्रेस में बूथों पर कब्जे को लेकर होड़ मची हुई है।

मिथिलेश मिश्र/रायपुर. विधानसभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहीं भाजपा और कांग्रेस में बूथों पर कब्जे को लेकर होड़ मची हुई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह जब पहली बार छत्तीसगढ़ आए तो उन्होंने कमजोर प्रदर्शन वाले बूथों की ही समीक्षा की थी। पिछले दो दौरों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी बूथों पर प्रदर्शन सुधारने पर जोर देते रहे हैं।

दोनों दलों की कोशिशें कितना असर डालती हैं, यह तो परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन पिछले दो विधानसभा चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा-कांग्रेस के मजबूत बूथों पर मतदाता का मन बहुत नहीं बदला है। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट के लाखेनगर बूथ पर भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल को सर्वाधिक 748 वोट मिले। उनके मुकाबले कांग्रेस की किरणमयी नायक को केवल 297 वोट मिले थे।

2008 के चुनाव में भी बृजमोहन अग्रवाल को इस बूथ पर 354 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के योगेश तिवारी को केवल 135 वोट। रायपुर दक्षिण में टिकरापारा बूथ कांग्रेस का मजबूत गढ़ बना हुआ है। 2008 के चुनाव में कांग्रेस को यहां से 452 वोट और भाजपा को केवल 190 वोट। 2013 में भी कांग्रेस को यहां के 604 मतदाताओं का समर्थन मिला, जबकि भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में केवल 231 लोग आए।

सेजबहार में उलटफेर
रायपुर ग्रामीण सीट का सेजबहार बूथ जिले में अकेला है जहां भाजपा ने बड़ा उलटफेर किया। 2013 में इस बूथ पर भाजपा उम्मीदवार और तत्कालीन विधायक नंदे साहू को सर्वाधिक 839 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा को केवल 281 मतदाताओं का ही साथ मिला। 2008 में इस बूथ पर भाजपा के नंदे साहू को केवल 9 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस को 520 वोट।

पांच सबसे मजबूत बूथ
भाजपा
रायपुर ग्रामीण सेजबहार 839
रायपुर दक्षिण लाखेनगर 748
धरसींवा तेंदुआ 714
रायपुर ग्रामीण कांदुल 692
रायपुर ग्रामीण बोरियाकला 685

कांग्रेस
अभनपुर दोरला 797
आरंग लाखौली 700
रायपुर ग्रामीण सोनडोंगरी 667
धरसींवा निलजा 646
रायपुर दक्षिण टिकरापारा 604

मजबूत बूथों का मतलब है, वहां के लोगों का पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और नेताओं पर भरोसा। लेकिन कमजोर सीटों को लेकर दोनों दलों में भारी-भरकम कार्ययोजना बनी है। दलों ने इसके लिए बूथ समितियां खड़ी कर रखी हैं, जिनके लोगों पर एक-एक मतदाता तक लगातार संपर्क करने की जिम्मेदारी है।

टिकरापारा व्यापारी प्रदीप साहू ने कहा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाई हैं। जनता के पैसों का सद्उपयोग नहीं हो रहा है। आम जनता को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

लाखेनगर गृहणी मालती सिसोदिया ने कहा कि कोई भी विकास देखने को नहीं मिला है। नालियों की सफाई तक नहीं होती है। नालों से गंदा पानी आता है। रोड का बुरा हाल है। मच्छरों का प्रकोप फैल रहा है।

आमने-सामने
कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि पार्टी मजबूत बूथों पर मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने की पूरी कोशिश में है। कमजोर बूथों पर मतदाताओं को सत्तारुढ़ दल की नीतियों से उनको और प्रदेश को होने वाले नुकसान, कांग्रेस की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है।

भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि बूथों को ए, बी, सी और डी में वर्गीकृत कर समीक्षा की गई है। खराब प्रदर्शन के पीछे की वजह खोजी जा चुकी है। एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्यकर्ता वहां के लोगों के लगातार संपर्क में हैं। राज्य और केंंद्र सरकार के अच्छे कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

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