सस्ते के फेर में चाइना से सालाना 20 हजार करोड़ का सामान मंगा रहे छत्तीसगढ़, 6 महीने भी नहीं चलता

पत्रिका की पड़ताल में यह जानकारी सामने आई है कि ग्राहक सस्ते के फेर में चाइनीज उत्पादों पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन यदि वह स्वयं अनुभव करें तो यह उत्पाद ज्यादा दिन साथ नहीं दे रहे हैं।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 17 Jun 2020, 11:03 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में ही चाइनीज उत्पादों का आयात 15 से 20 हजार करोड़ सालाना है। इसमें कन्ज्यूमर प्रोडक्ट जैसे मोबाइल चार्जर, ईयर फोन, बैटरी, टच स्क्रीन, पॉवर बैंक आदि उत्पादों का टर्नओवर ही सालाना लगभग 4000-5000 करोड़ हैं। इसके अलावा एलईडी बल्ब, झालर लाइट, डिस्को लाइट, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद जैसे एलईडी टीवी, एलईडी पैनल आदि का टर्नओवर 6000 करोड़ के करीब है।

कारोबारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ से आयात शुल्क पर गौर करें तो हर साल 2250 से 3000 करोड़ की भारतीय करेंसी चाइना जा रही है, वहीं 18 फीसदी जीएसटी के जरिए राज्य व केंद्र सरकार को भी राजस्व प्राप्त हो रहा है।

इन सब के बीच यदि चाइनीज उत्पादों के मानकों और टिकाऊ की बात करें तो इसकी लाइफ 1 महीने से अधिकतम 2 से 3 महीने हैं, जबकि भारतीय उत्पादों की लाइफ इसी सेक्टर में 1 साल से लेकर अधिकतम 3 साल तक है। पत्रिका की पड़ताल में यह जानकारी सामने आई है कि ग्राहक सस्ते के फेर में चाइनीज उत्पादों पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन यदि वह स्वयं अनुभव करें तो यह उत्पाद ज्यादा दिन साथ नहीं दे रहे हैं। प्रदेश के बड़े कारोबारियों से मिली जानकारी के मुताबिक यह बात भी सामने आई है कि अभी तक देश के भीतर कई ऐसे उत्पादों की कंपनी काफी कम हैं, जिसकी वजह से चाइना पर निर्भरता बढ़ रही है।

ईयर फोन के स्पीकर की कंपनी नहीं

प्रदेश के बड़े थोक कारोबारियों का कहना है कि ईयर फोन का स्पीकर बनाने की कंपनी भारत में 2 से 3 फीसदी है। चाइनीज कंपनियों पर निर्भर रहने की वजह से 80 फीसदी से अधिक ईयर फोन विदेशों से आयातित हो रहा है। मोबाइल में टच स्क्रीन खराब होने के बाद यदि इसे सुधारने जाए तो चाइनीज मशीन से यह ठीक हो रहा है।

छत्तीसगढ़ से पैलेट ओर का निर्यात चाइना

दूसरी तरफ यदि छत्तीसगढ़ से चाइना निर्यात होने वाले प्रोडक्ट पर गौर करें तो छत्तीसगढ़ की बड़ी स्टील फैक्ट्रियों से बड़ी मात्रा में पैलेट ओर जो कि स्टील बनाने का रॉ-मटेरियल्स है, इसका निर्यात किया जा रहा है। पैलेट ओर का प्रोडक्शन छत्तीसगढ़ की 10 से 12 बड़ी स्टील फैक्ट्रियों में हो रहा है। कुल उत्पादन का 30 से 40 फीसदी हिस्सा चाइना सप्लाई होता है।

कारोबारी संगठनों ने कहा-ग्राहक बहिष्कार करें

कारोबारी संगठनों ने इस मुद्द पर कहा कि चाइनीज उत्पादों का ग्राहकों को पहले बहिष्कार करना चाहिए। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर के अध्यक्ष अमर परवानी ने कहा कि कैट ने देशभर में चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की अपील की है, जिसमें कारोबारी और ग्राहक दोनों को जिम्मेदारी उठानी चाहिए। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने कहा कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के लिए पहले ग्राहकों को पहले स्वयं तैयार रहना चाहिए।

रविभवन व्यापारी संघ के अध्यक्ष जय नानवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर साल चाइनीज उत्पादों का आयात 15 से 20 हजार करोड़ हैं। यह उत्पाद सस्ते जरूर होते हैं, लेकिन भारतीय उत्पादों के मुकाबले टिकाऊ नहीं होते। ग्राहकों को बाद में धोखा खाना पड़ रहा है। इसलिए भारतीय उत्पादों पर भरोसा जरूरी है।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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