Chhattisgarh election : माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव की ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी

Chhattisgarh election : माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव की ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी

Chandu Nirmalkar | Publish: Oct, 01 2018 08:27:53 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

विधानसभा चुनाव के दौरान माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। प्रदेश में पहली बार 30 से अधिक ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में किया जाएगा।

राकेश टेम्भुरकर@विधानसभा चुनाव के दौरान माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। प्रदेश में पहली बार 30 से अधिक ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में किया जाएगा। सुरक्षाबल के जवान मतदानदलों की सुरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करेंगे। राज्य पुलिस के आला अधिकारी इसकी व्यवस्था कर रहे हैं। ऑपरेशन में उपयोग किए जा रहे ड्रोन के साथ ही नए ड्रोन को किराए पर लेने की तैयारी की जा रही है। एेसा निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हो रहा है। चुनाव के लिए सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकडि़यों के आने से पहले ही पुलिस इसकी व्यवस्था करने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव के दौरान हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) के साथ ही मानवरहित विमान (यूएवी) और हेलिकॉप्टर को भी तैनात किया जाएगा।


सुदूर क्षेत्रों में निगरानी :

सुदूर क्षेत्रों में इन कैमरों के जरिए हवाई निगरानी की जाएगी। उनसे मिली तस्वीरों का विश्लेषण होगा। कोई असामान्य गतिविधि दिखी तो सुरक्षाबलों को उन इलाकों में भेजा जाएगा। इस काम के लिए प्रभावित इलाकों में रिजर्व फोर्स रखी जाएगी।

बस्तर में ही 200 मतदान केंंद्र चुनौतीपूर्ण बस्तर संभाग के १२ विधानसभा क्षेत्रों के 2853 मतदान केंद्रों में से 200 बूथ को बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। यहां शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए राज्य पुलिस पसीना बहाती रही है। २०१३ के विधानसभा चुनाव के दौरान बस्तर संभाग में 550 कंपनी तैनात की गई थी। उसके बाद भी माओवादियों ने हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था।

4 विधानसभा सीटों के ५३ बूथों में शून्य मतदान
पिछले विधानसभा चुनाव में माओवादियों ने मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। इसका सीधा असर प्रदेश की चार विधानसभा सीटों बीजापुर, कोंटा, दंतेवाड़ा और चित्रकोट में नजर आया था। इन सीटों के 56 बूथ एेसे थे, जहां किसी ने भी मताधिकार का उपयोग नहीं किया। माओवाद प्रभावित बीजापुर में २३२ मतदान केंद्र बनाए गए थे। वहां ३२ बूथ में किसी ने भी वोट नहीं डाला था। इसी तरह कोंटा के १९३ बूथ में से १४, दंतेवाड़ा के २६६ मतदान केंद्रों में से ६ और चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के 220 मतदान केंद्र में से एक बूथ में माओवादियों की धमकी का असर साफ दिखाई दिया था।


पिछली बार इन बूथों में नहीं हो सका था मतदान
कोंटा विधानसभा : भेजी, गोरखा, कोलइगुडा, एलमागुंडा, एलमपल्ली, मुकरम, कामाराम, गुमोंडी, बैनपल्ली, चिमलीपेंटा, सुरपनगुड़ा, पूवर्ती, भीमापुरम व उरमांगल।


बीजापुर विधानसभा : यमपुर, दारेली-१, दारेली-२, भूसापुुर, मारूड़बांका, तर्रेम, अण्डरी-१, अण्डरी-२, पिडीया, सावनार, पुसनार-क-ख-ग, कमकानार, पेदाजोजेर, मनकेली, बाकेली, कलहाजा, पीडियाकोट, कोमह, बोटेर, जाटलूर, मुरूमवाड़ा, लंकामांड, बंदेपर्रे, मुकाबेली, रेंगावाया, नेतीकाकलेर, पालसेगुण्डी, चेरपपल्ली, पेनगुंडा व करकावाड़ा
दंतेवाड़ा विधानसभा : बुरगुम, किडरीराम, अलनार, पुंरगेल, बड़ेगादम व काउरगांव।
चित्रकोट विधानसभा : छोटेकिलेपाल।

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