‘जइया मिर्च‘ पर शोध के लिए छत्तीसगढ़ के किसान को मिला राष्ट्रीय सम्मान

मुख्यमंत्री से मिलकर किसान श्री रामलाल ने शोध आगे बढ़ाने मांगी मदद

By: lalit sahu

Updated: 07 Mar 2020, 06:45 PM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय नवाचार किसान सम्मान से नवाजे रामलाल लहरे को कृषि के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। रामलाल बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के छोटे से गांव महुली के रहने वाले हैं और बायोटेक्नालॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उल्लेखनीय है कि रामलाल को यह सम्मान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा उन्हें दुर्लभ व सबसे तीखी प्रजाति की ‘जइया’ मिर्च के संरक्षण व संवर्धन के लिए 3 मार्च को राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के द्वारा प्रदान किया गया है।

निजी न्यूज़ चैनल के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने दर्ज करवाई शिकायत

मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात कर रामलाल ने अपने शोध के सबंध में बताया और शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उनसे सहायता दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सरगुजा और बलरामपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में मिलने वाली दुर्लभ जइया मिर्च में 2.0 प्रतिशत कैप्सेसिन यौगिक पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार लगाने के बाद करीब 10 साल तक इसके पौधे मेें मिर्च की पैदावार होती है और इसे विशेष देखभाल की भी आवश्यकता नहीं होती। इस मिर्च की टेस्टिंग कराने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा द्वारा भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर भी भेजा गया है। बायोटेक्नोलॉजी मे गोल्डमेडलिस्ट श्री रामलाल लहरे छत्तीसगढ़ी मिर्च ‘जईया’ से मधुमेह की दवाई बनाने की दिशा में विशेष प्रयास कर रहे हैं।

lalit sahu Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned