महाराष्ट्र में झुकी सरकार अब छत्तीसगढ़ के किसानों ने दी ये खुली चेतावनी

महाराष्ट्र में झुकी सरकार अब छत्तीसगढ़ के किसानों ने दी ये खुली चेतावनी

Ashish Gupta | Publish: Mar, 14 2018 05:10:13 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी किसानों ने प्रदेश के किसानों की समस्या को लेकर सरकार से सीधी टक्कर लेने का मन बना लिया है।

रायपुर . महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, भारतीय किसान संघ ने प्रदेश के किसानों की समस्या को लेकर सरकार से सीधी टक्कर लेने का मन बना लिया है। संघ ने सरकार से किसानों की समस्या को तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार इसके बाद भी किसानों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाती है तो किसान संघ पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगा।

संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 21 जिलों की 96 तहसीलों में अल्प वर्षा के कारण सूखे की स्थिति निर्मित हुई है। कहीं कहीं तो बहुत भयानक स्थिति है पशुओं को खिलाने के लिए चारे की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अभी तक सरकार की ओर से बीमा तो छोडि़ए किसानों को क्षतिपूर्ति की राशि भी बहुत से स्थानों में नहीं मिली है। इसे सरकार की असंवेदनशीलता ही कहना चाहिए कि शासन द्वारा कर्जमाफ करने के स्थान पर उन कर्जों का रूपांतरण कर दिया गया है।

संघ ने सरकार पर किसानों के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि हद तो तब हो गई जब शासन द्वारा कर्जमाफ न करके उन कर्जों का रूपांतरण कर दिया गया है। एेसे में उस कर्ज को तीन वर्षों में वसूला जाएगा वह भी लगभग 12 प्रतिशत ब्याज लगाकर ऐसे में किसानों पर अतिरिक्त बोझ ही बढ़ेगा।

उसी प्रकार बीमा की राशि भी आज तक सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को नहीं दी गई है। सरकार ने पूरा शासकीय अमला लगाकर किसानों से फसल बीमा तो करा लिया लेकिन मुआवजा देने के समय कृषि विभाग का कोई भी अधिकारी उत्तर देने की स्थिति में नहीं है कि फसल बीमा का मुआवजा किसानों को कब तक प्राप्त होगा।

संघ ने शासन ने आदेश निकालकर रबी में धान लगाने पर रोक लगा दी थी, बहुत से किसानों ने विद्युत कनेक्शन ना कट जाय उस डर से गेहूं, चना, सरसों जैसी आदि फसलों की बोआई कर दी, अब समस्या उन फसलों की समर्थन मूल्य से भी बहुत कम मूल्य पर बिकने की आ रही है।

भारतीय किसान संघ का ये कहना है सरकार अगर दलहन तिलहन फसलों की बोआई के लिए किसानों को प्रोत्साहित करती है तो उन फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करे। यदि सरकार खरीदी नहीं कर सकती तो मध्यप्रदेश जैसी भावान्तर योजना छत्तीसगढ़ में लागू कर समर्थन मूल्य से कम बिक्री होने पर अंतर की राशि किसानों को भुगतान करें।

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