छत्तीसगढ़ सरकार ने 21 महीने में लिया 30 हजार 632 करोड़ रुपए का कर्ज

केंद्र से नहीं मिला राज्य को हिस्सा और कोरोना का भी असर, ब्याज के रूप में ही 4 से 5 हजार करोड़ का करना पड़ रहा भुगतान

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 23 Feb 2021, 08:04 PM IST

रायपुर. प्रदेश सरकार की तिजोरी पर कर्ज भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि लगभग हर महीने भूपेश सरकार पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों को गौर करते, तो भूपेश सरकार ने दिसम्बर 2018 से नवम्बर 2020 तक यानी 21 महीने में कुल 30 हजार 632 करोड़ का कर्ज लिया है। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक और केंद्र सरकार के माध्यम से एशियन डेवलपमेंट-विश्व बैंक के कर्ज शामिल हैं। इसके बाद सरकार ने करीब दो हजार करोड़ का कर्ज और लिया है। अब कर्ज की वजह से स्थिति यह है कि सरकार को भारी भरकम ब्याज चुकाना पड़ रहा है। सरकार का अनुमान था कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में बजट के रूप में 5330 करोड़ रुपए के ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा।

वैसे तो सरकार लगभग हर महीने कर्ज लेती आ रही है, लेकिन कोरोना संक्रमण काल में सरकार की वित्तीय स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई थी। स्थिति यह था कि केंद्र से मिलने वाली राशि भी नहीं मिल पा रही है। मजबूर सरकार को कर्ज लेना पड़ा। इसमें भी अहम बात यह है कि सरकार ने वित्तीय वर्ष की शुरुआत में मार्च में तो कर्ज लिया, लेकिन अप्रैल, मई, जून और जुलाई में कोई कर्ज नहीं लिया। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले भी बयान दे चुके हैं कि हमने किसानों के लिए ऋण लिया है और जरूरत पड़ी तो आगे भी लेंगे।

विरासत में मिला कर्ज

भूपेश सरकार पर कर्ज बढऩे का बड़ा कारण विरासत में मिला कर्ज भी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिसम्बर 2018 में शपथ ली थी। 16 दिसम्बर 2018 की स्थिति में सरकार पर 41 हजार 695 करोड़ रुपए का कर्ज था। 15 नवम्बर 2020 की स्थिति में सरकार का कर्ज बढ़कर 66 हजार 968 करोड़ रुपए पहुंच गया था। सरकार ने 2019-20 में कर्ज पर 4225 करोड़ ब्याज भुगतान किया था।

केंद्र से लेने हैं 13 हजार 440 करोड़

कोरोना संक्रमण का असर केंद्र से मिलने वाली राशि पर भी पड़ा है। राज्य को केंद्र से 13 हजार 440 करोड़ रुपए लेने हैं। इसमें करीब दो दिन पूर्व जीएससी के 400 करोड़ रुपए मिले हैं। राज्य को जीएसटी क्षतिपूर्ति मद में केन्द्र सरकार से 3700 करोड़ की राशि प्राप्त होनी थी। वर्ष 2014 के पूर्व प्रदेश मे संचालित निजी कोयला खदानों से कोयले पर ली गई 4140 करोड़ रुपए की एडिशनल लेवी राशि प्राप्त होनी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में चावल की 5600 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त नहीं हुई है।

सरकार पर कर्ज का बोझ

  • सरकार पर 66 हजार 968 करोड़ का कुल कर्ज
  • 21 महीने में लिए 30 हजार 632 करोड़ का कर्ज
  • 2019-20 में 4225 करोड़ का ब्याज चुकाया
  • पूर्ववर्ती सरकार ने छोड़ा था 41 हजार 695 करोड़ का कर्ज
  • 13 हजार 440 करोड़ रुपए केंद्र से मिलने हैं अभी
  • (नोट- आंकड़े नवम्बर 2020 की स्थिति में )
Nikesh Kumar Dewangan Desk
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