सरकार ने तय की प्याज की स्टॉक लिमिट, थोक 25 और फुटकर को 2 टन तक रखने की छूट

- स्टॉक की जांच के लिए जिलों में बनाई जाएगी टीम

By: Bhupesh Tripathi

Published: 25 Oct 2020, 01:52 AM IST

रायपुर। प्याज की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। जमाखोरी रोकने और प्याज की उपलब्धता के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव ने कमलप्रीत सिंह ने शुक्रवार को प्याज की स्टॉक लिमिट तय कर आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के बाद त्योहार में प्याज की बढ़ती कीमतों पर रोक लग सकती है। सरकार ने थोक और खुदरा व्यापारियों के लिए अलग-अलग स्टॉक लिमिट तय की है। थोक विक्रेताओं के लिये प्याज की स्टॉक लिमिट 25 मीट्रिक टन व खुदरा व्यापारियों के लिए 2 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। स्टॉक लिमिट शुक्रवार से लेकर के 31 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगी।

थोक दुकानों में लगेंगे फुटकर प्याज काउंटर

राजधानी में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कलेक्टर डॉ. एसभारतीदासन ने शुक्रवार को आलू-प्याज थोक व्यापारियों की बैठक ली। व्यापारियों को तीन बिंदुओं पर आदेश दिए गए। इसके तहत थोक व्यापारियों को प्रति दिन जिले में प्याज की आवक और खपत की जानकारी खाद्य विभाग को देनी होगी।

रोज स्टॉक और रेट लिस्ट लगाने का आदेश
रोज का मूल्य और स्टॉक की सूची सभी दुकानों में चस्पा की जाएगी। कलेक्टर के आदेश पर थोक आलू-प्याज एसोसिएशन ने जिले की अधिकांश थोक दुकानों में फुटकर प्याज बिक्री काउंटर लगाने पर सहमति दे दी है। शनिवार से यह काउंटर खुल जाएंगे। भनपुरी और डूमतराई जैसी थोक दुकानों में काउंटर खोलने की जानकारी प्रशासन को दी गई है। कलेक्टर के द्वारा शाम को बुलाई गई बैठक में आलू-प्याज के २२ व्यापारी शामिल हुए। इसमें खाद्य विभाग की टीम भी मौजूद रही। कलेक्टर ने नियंत्रक को निर्देशित किया है कि लगातार टीम नौप-तौल विभाग के साथ कार्रवाई करें।

फुटकर दुकानदारों ने की मुनाफाखोरी तो होगी कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम फुटकर दुकान संचालकों की निगरानी करेगी। खाद्य विभाग की हेल्पलाइन पर ओवर रेटिंग की मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ठेलों पर प्याज बेचने वालों से टीम ग्राहक बनकर पूछताछ करेगी।

Bhupesh Tripathi
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