नक्सलियों ने सीआरपीएफ कैंप के ऊपर उड़ाया ड्रोन, केंद्रीय गृहमंत्रालय ने दिया शूट एंड साइट का आदेश

ड्रोन के इस्तेमाल से पैदा हुई नई सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सीआरपीएफ ने अपने मुख्यालय और केंद्रीय गृहमंत्रालय को यह रिपोर्ट भेजी है। उधर केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ऐसे ड्रोन को मार गिराने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली/रायपुर. केंद्रीय रिजर्व पुलिस (सीआरपीएफ) की माओवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र की छावनियों पर मंडराने वाला ड्रोन माओवादी ही उड़ा रहे हैं। सीआरपीएफ ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि कर दी है। ड्रोन के इस्तेमाल से पैदा हुई नई सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सीआरपीएफ ने अपने मुयालय और केंद्रीय गृहमंत्रालय को यह रिपोर्ट भेजी है। उधर केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ऐसे ड्रोन को मार गिराने का आदेश दिया है। साथ ही जवानों को सतर्क रहने और मोर्चाबंदी को अधिक पुख्ता रखने के निर्देश दिए हैं।

इन कैंपों पर उड़ाया गया ड्रोन
कुछ महीने पहले सुकमा जिले के किस्टाराम में सीआरपीएफ कैंप के ऊपर रहस्यमय रोशनी देखी गई थी। यह लगातार तीन रातों तक कैंप के ऊपर मंडराता रही। जांच में सामने आया कि वैसी ही रोशनी और आवाज बासागुड़ा, सारकेगुड़ा व गोलापल्ली कैंप के ऊपर दिखी थी। रिपोर्ट में इसे ड्रोन बताया गया है। अफसरों को आशंका है, माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के सचिव हरिभूषण और गोलापल्ली एरिया कमांडर प्रकाश ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। आशंका है कि ड्रोन के जरिए वे कैंप की मोर्चाबंदी का मॉडल तैयार कर रहे हैं, ताकि उनपर हमले के लिए कैडरों को प्रशिक्षित किया जा सके। वहीं सुरक्षाबलों को डराना भी उनका एक मकसद हो सकता है।

सुरक्षा बलों इसका अंदेशा ही नहीं था

ड्रोन की सूचना मिलने के बाद सीआरपीएफ ने राज्य पुलिस को भी सूचना दी थी, और खुद भी जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि उन रातों में सुरक्षाबलों की किसी टुकड़ी ने ड्रोन का इस्तेमाल नहीं किया था। माओवादियों के हाथ में ड्रोन जैसी तकनीक पहुंच जाने से सुरक्षा बलों के कान खड़े हो गए हैं।
एनटीआरओ से मदद मांगी
सीआरपीएफ ने ड्रोन की संभावित क्षमता और खतरों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ)से मदद मांगी है। संस्थान को ड्रोन के संभावित आकार, उड़ान की ऊंचाई, उसकी रोशनी, आवाज जैसे तथ्य भेजे गए हैं। अक्षांस-देशांतर के साथ संभावित उड़ान क्षेत्र की टोपोग्राफी भी भेजी गई है।
बीसी पात्रा (कमांडेंट और प्रवक्ता सीआरपीएफ)
सुरक्षाबलों पर नजर रखने के लिए माओवादियों द्वारा ड्रोन उड़ाया जा रहा है। जांच के दौरान इसकी पुष्टि होने के बाद इसकी रिपोर्ट सीआरपीएफ मुयालय और गृहविभाग को भेजी गई है।
मुंबई की दुकान तक पहुंची जांच
माओवादियों को ड्रोन मिलने की जांच के दौरान खुफिया एजेंसियां मुंबई के एक दुकानदार के पास पहुंची जिसके बारे में संदेह है कि उसने अज्ञात लोगों को ड्रोन बेचे। संभवतय: इनके जरिए ही ड्रोन माओवादियों को मिले। एक अधिकारी ने बताया कि इस खतरे को देखते हुए ही माओवाद प्रभावित राज्यों में सुरक्षाबलों को ऐसे ड्रोन या मानवरहित यान देखते ही मार गिराने का आदेश दिया गया है।

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bhemendra yadav
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