प्रदेश में जल्द होगी आयुर्वेद डॉक्टरों की बंपर भर्ती, जानिए और क्या कहा CM ने

Chandu Nirmalkar

Publish: Sep, 16 2017 10:43:06 (IST) | Updated: Sep, 16 2017 10:44:45 (IST)

Raipur, Chhattisgarh, India
प्रदेश में जल्द होगी आयुर्वेद डॉक्टरों की बंपर भर्ती, जानिए और क्या कहा CM ने

प्रदेश में आयुर्वेदिक डॉक्टरों के रिक्त पदों के लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी

रायपुर. प्रदेश में आयुर्वेदिक डॉक्टरों के रिक्त पदों के लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। आयुर्वेद भारत की ही नहीं, बल्कि दुनिया की सर्वाधिक पुरानी चिकित्सा प्रणाली है। यह भारत की देन है, इसमें अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार हर संभव मदद करेगी। शनिवार को डॉ. सिंह पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में आयुर्वेद महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ आयुर्वेद चिकित्सक महासंघ द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि की आसंदी से महासम्मेलन में सीएम ने कहा कि आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज संभव है। जरूरत इस बात की है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा और औषधियों के क्षेत्र में भी आधुनिक तकनीकी का प्रयोग करके रिसर्च को बढ़ावा दिया जाए और दवाईयों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए। महासम्मेलन में लोकसभा सांसद डॉ. बंशीलाल महतो, राज्यसभा सांसद डॉ.़ भूषण लाल जांगड़े, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय, पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. एसके पाण्डेय और छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सुरेन्द्र दुबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्य सरकार द्वारा आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपेथिक दवाईयां लिखने का अधिकार दिए जाने पर छत्तीसगढ़ आयुर्वेद चिकित्सक महासंघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. शिव नारायण द्विवेदी के नेतृत्व में आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ आयुर्वेद चिकित्सा संघ, आयुष मेडिकल एसोसिएशन, सरगुजा आयुर्वेदिक चिकित्सक संघ सहित आयुर्वेद से जुड़े अनेक संघों ने मुख्यमंत्री का साल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट करते हुए अभिनंदन किया।

आयुर्वेद चिकित्सक के रूप में बनी पहचान
सीएम ने महासम्मेलन में कहा- मैं रायपुर आयुर्वेद महाविद्यालय का छात्र रहा हूं। आज मैं जो कुछ भी हूं, इसी महाविद्यालय की शिक्षा और संस्कारों की वजह से ही हूं। मैं आपके बीच का ही हूं। मेरा सम्मान करने की जरूरत मुझे महसूस नहीं होती। उन्होंने कहा कि कवर्धा में आयुर्वेद चिकित्सक के रूप में काम करने से मेरी पहचान बनी। डॉ. सिंह ने बताया कि लोग मुझसे पूछते हैं कि गरीबों के कल्याण के लिए एक रुपए किलो चावल की योजना और लोगों को 30 हजार रूपए तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा जैसी योजनाएं आप कैसे बना लेते हैं। डॉ. सिंह ने इस संबंध में बताया कि बीएएमएस की डिग्री लेने के बाद उन्होंने कवर्धा की देवार बस्ती में भारत माता चैरिटी अस्पताल प्रारंभ किया। जहां 70 प्रतिशत गरीब मरीज आते थे। जिनके पास दवाईयों के लिए पैसे नहीं होते थे, ऐसे बहुत से मरीजों को कुछ पैसे भी देने पड़ते थे।

खाली पेट दवा नहीं करती असर, भरपेट भोजन जरूरी
महासम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा खाली पेट बीमारियों का इलाज नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे अवसर मिला गरीब तबके में शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण की दर कम करने की चुनौती थी। लोगों को बेहतर खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई।

आज इस योजना में प्रदेश के लगभग 60 लाख परिवारों को एक रुपए किलो चावल वितरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्मार्ट कार्ड के माध्यम से लोगों को चिहिन्त अस्पतालों में एक वर्ष में 30 हजार रूपए तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। जल्द ही नि:शुल्क इलाज की यह सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपए की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के लिए ऐसी योजनाएं संचालित करके संतोष मिलता है।

विदेशी में लोकप्रिय हो रही आयुर्वेद पद्धति

उन्होंन कहा कि आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ है। हमारे पास आयुर्वेद के ज्ञान का भंडार भी है। आज जब जापान, कोरिया और चीन सहित अनेक देशों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति तेजी के साथ लोकप्रिय हो रही है। आयुर्वेद दवाओं के वैश्विक बाजार में भारत का हिस्सा मात्र 8 से 9 प्रतिशत है। इस बाजार पर चाइना और दूसरे देशों का कब्जा है। यदि हम अपनी आयुर्वेदिक दवाईयों की विश्व मानकों के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित कर लें तो भारतीय आयुर्वेद दवाओं के व्यापार में सौ गुनी वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसकी छत्तीसगढ़ में व्यापक संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ में 40 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिनमें लगभग सभी प्रकार की दुर्लभ आयुर्वेद औषधियां पाई जाती हैं।

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