छत्तीसगढ़: सरायपाली में संयुक्त रूप से हीरा खोजेंगी एनएमडीसी-सीएमडीसी

- एनएमडीसी के अध्यक्ष की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बनी सहमति

रायपुर. केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) और राज्य सरकार का छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) संयुक्त रूप से महासमुंद की सरायपाली तहसील में हीरे के भंडार की खोज करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, दोनों कंपनियां सरायपाली के हीराधारित क्षेत्र में पूर्वेक्षण का काम करेंगी।
एनएमडीसी के अध्यक्ष एन बैजेंद्र कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। उसके बाद दोनों एजेंसियों के बीच संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा, नेहरु जी द्वारा स्थापित एनएमडीसी को वे हर संभव मदद करेंगे। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने महासमुंद जिले के इस क्षेत्र में हीरे का बड़ा भंडार होने की संभावना जताई है। जिओ-केमिकल अध्ययनों से पता चला है कि बसना कस्बे, चंद्रखुरी, बड़ा डोंगरी और जमलीडीह गांवों के नीचे किम्बरलाइट की चटटाने मौजूद हैं।

खनन लीज की अवधि बढ़ाई जाएगी
एन बैजेंद्र कुमार के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने एनएमडीसी को दी गई खनन लीज की अवधि बढ़ाने का भरोसा दिया है। यह अवधि 30 मार्च 2020 को खत्म हो रही है। वहीं एनएमडीसी राज्य सरकार को 600 करोड़ रुपए की बकाया राशि का जल्दी ही भुगतान करेगा।

एनएमडीसी के लिए घर बनाएगा हाउसिंग बोर्ड
एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट में कर्मचारियों के लिए मकान बनाने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को दिया गया है। यह परियोजना करीब 1200 करोड़ रुपए की होगी।

Mithilesh Mishra
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