पत्नी से कहा थोड़ी देर में करता हूं कॉल, फोन तो आया लेकिन आई शहादत की खबर

पत्नी से कहा थोड़ी देर में करता हूं कॉल, फोन तो आया लेकिन आई शहादत की खबर

Ashish Gupta | Publish: Mar, 14 2018 02:07:50 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 02:38:21 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के इस परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब एएसआई रामकृष्ण सिंह तोमर के शहादत की खबर आई।

रायपुर . मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के इस परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब पत्नी से बात कर रहे जवान ने थोड़ी बाद फोन करने के लिए कहा, लेकिन पत्नी को क्या पता था कि यह उसकी अपने पति से आखिरी बार बात हो रही है। पत्नी पति के फोन का इंतजार करती रही, थोड़ी ही देर बाद फोन तो आया लेकिन पति के शहीद की खबर लेकर।

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दरअसल, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सली हमले में एएसआई रामकृष्ण सिंह तोमर शहीद हो गए।
नक्सलवादियों के हमले में शहीद एएसआई रामकृष्ण सिंह तोमर की पत्नी प्रभा देवी सरकार से खफा है। उन्होंने कहा लगातार जवानों की बलि चढ़ रही है, सरकार कुर्सी पर बैठकर तमाश देखने में लगी है। अब जरूरत है कोई ठोस कदम उठाने की। अगर सरकार कुछ नहीं कर सकती तो उनके हाथ में बंदूक थमा दे, देश के दुश्मनों को मिटा देगी।

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रामकृष्ण के शहीद होने की खबर मिलते ही उनके घर डीडी नगर सैक्टर जीएल 1063 पर रिश्तेदारों, दोस्तों और कॉलोनीवासियों की भीड़ जुट गई। पत्नी प्रभा देवी, बेटी पिंकी और बेटा विनय सिंह उर्फ विक्की के आंसू थम नहीं रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पत्नी से उनकी फोन पर कुछ मिनट बात भी हुई। बच्चों का हाल चाल लेकर बोले चैकिंग पर जाना है, कुछ देर बाद बात करेंगे। पत्नी उनके दोबारा फोन का इंतजार कर रही थी।

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लेकिन फोन तो आया लेकिन पति के शहीद की खबर लेकर, नक्सलवादियों को लेकर पत्नी प्रभा के चेहरे पर आक्रोश साफ झलक रहा था। रोते हुए बोली पति ने मुझे बंदूक चलाना सिखाई है। अब इसी बंदूक से दुश्मनों का सफाया कर देगी। रामकृष्ण की बेटी पिंकी एमकॉम कर चुकी है। बेटा विनय 11वीं कक्षा में है। रामकृष्ण मूलत: ग्राम तरसमा, पोरसा(मुरैना)के हैं। उनके पिता चरन सिंह का निधन हो चुका है।

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