कोरोना बच्चों को मध्यान्ह भोजन देने में छत्तीसगढ़ सबसे अव्वल, अन्य राज्यों में मध्यान्ह भोजन वितरण की स्थिति खराब रही काफी

नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 के तहत मध्यान भोजन प्रत्येक बच्चे का अधिकार है लोकसभा में विगत 14 सितंबर को एक प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने यह माना कि मध्यान्ह भोजन योजना के लाभ से बहुत से बच्चों को वंचित रहना पड़ा ।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 16 Sep 2020, 04:20 PM IST

रायपुर. मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल रहा है छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान 90% से अधिक बच्चों को मध्यान्ह भोजन का लाभ मिला है । इस दौरान अन्य राज्यों में मध्यान्ह भोजन वितरण की स्थिति काफी खराब रही ऑक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल बंद होने से देश के 27 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं ।

जबकि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 के तहत मध्यान भोजन प्रत्येक बच्चे का अधिकार है लोकसभा में विगत 14 सितंबर को एक प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने यह माना कि मध्यान्ह भोजन योजना के लाभ से बहुत से बच्चों को वंचित रहना पड़ा । ऑक्सफैम इंडिया के सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ का देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है छत्तीसगढ़ में 90% से अधिक बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ मिला है ।

मध्याह्न भोजन योजना, भारत सरकार की एक योजना है जिसके अन्तर्गत पूरे देश के प्राथमिक और लघु माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को दोपहर का भोजन निःशुल्क प्रदान किया जाता है। मध्याह्न भोजन स्किम छात्रों के ज्ञानात्मक, भावात्मक और सामाजिक विकास में सहायता करता हैं।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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