भूपेश सरकार का बड़ा फैसला: रमन सिंह का चेहरा चमकाने वाली 48 फर्मों को दिखाया बाहर का रास्ता

अधिकारियों ने बताया, कुछ फर्मों की अब सरकार को आवश्यकता नहीं है और कुछ के ऊपर अनियमितताओं के आरोप हैं और उसकी जांच चल रही है।

रायपुर. भाजपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का चेहरा चमकाने की कवायद में लगी 48 फर्मों और एजेंसियों को सरकार ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। छत्तीसगढ़ संवाद ने गुरुवार को इनका इम्पैनलमेंट निरस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया, कुछ फर्मों की अब सरकार को आवश्यकता नहीं है और कुछ के ऊपर अनियमितताओं के आरोप हैं और उसकी जांच चल रही है।

जनसंपर्क विभाग ने इसके लिए अफसरों की एक समिति बनाई है। बताया जा रहा है कि 21 निविदाओं के जरिए छत्तीसगढ़ संवाद ने इन एजेंसियों और फर्मों को सूचीबद्घ किया था, इनको 85 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया था, जिसमें से 61 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है।

पांच दिन में बिल पेश किया तो फूटा भांडा

 

CG News

बताया जा रहा है कि सरकार की संस्था संवाद में यह अनियमितताएं लंबे समय से जारी थीं। अहमदाबाद की मूविंग पिक्सल प्रा. लि. नाम की फर्म को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार के लिए फिल्म बनाने का काम 1 अक्टूबर 2018 को मिला। फर्म ने 6 अक्टूबर को ही 1 करोड़ 18 लाख रुपए का बिल पेश कर दिया। मामला सामने आने के बाद नई सरकार ने जांच के आदेश दे दिए।

इन प्रमुख फर्मों पर गिरी गाज

कन्सोल इंडिया कम्युनिकेशन प्रा.लि., क्यूब्स मीडिया एंड ब्रांडिंग प्रा.लि., रायपुर, हरप्रीत सिंह ढोढी, रायपुर, मूविंग पिक्सल प्रा. लि. अहमदाबाद, एसबी मल्टीमीडिया प्रा. लि., रायपुर, पेलोरस टेक्नोलॉजी प्रा.लि. मुंबई, टचवुड इंटरटेनमेंट नई दिल्ली, व्यापक इंटरप्राइजेज रायपुर, विनायक एडवरजाइजिंग, एसएस एडवटाइजर, वीडियो वाल इंडिया प्रा. लि. मुंबई, एक्सिस माय इंडिया प्रा. लि. मुंबई, वॉर रूम स्ट्रेतजी अहमदाबाद, टेक्नोविजन प्रा.लि. मुंबई, संगीता एम. रसेली मिश्रा, भोपाल, सत्येन्द्र खरे भोपाल, यूएनडीपी नई दिल्ली, नेशनल इफोमेटिक्स सेंटर सर्विसेज, बेटर कम्यूनिकेशन प्रा. लि. मुंबई।

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चंदू निर्मलकर Desk
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