झाखरपारा संग्रहण केंद्र्र में अव्यवस्था देखकर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी

देवभोग. राज्य के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने मंगलवार को ब्लाक के झाखरपारा संग्रहण केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संग्रहण केन्द्र की अव्यवस्था को देखकर नाराजगी व्यक्त की।

देवभोग. राज्य के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने मंगलवार को ब्लाक के झाखरपारा संग्रहण केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संग्रहण केन्द्र की अव्यवस्था को देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए पूछा कि धान खरीदी के विषय में अधिकारियों को प्रारंभिक जानकारी भी नहीं है। ऐसे में यहां धान खरीदी कैसे अच्छे से होगी।
ये भी सोचने वाली बात है। नाराज मुख्य सचिव ने कड़े शब्दों में कह डाला कि यदि धान खरीदी में कहीं भी चूक हुई तो जिम्मेदारों के लिए यह अच्छा नहीं होगा।
यहां बताते चले कि मुख्य सचिव आरपी मंडल के साथ खाद्य सचिव कमलप्रीत सिंह और मार्कफेड की एमडी शम्मी आबिदी भी संग्रहण केन्द्र में धान खरीदी के औचक निरीक्षण में पहुंचे थे। संग्रहण केन्द्र झाखरपारा में आते ही सबसे पहले स्टैकिंग तय मापदंड के अनुरूप नहीं होने पर मार्कफेड की एमडी ने खाद्य अधिकारी हुलेश कुमार डडसेना पर जमकर नाराजगी व्यक्त किया। इसके बाद मुख्य सचिव का गुस्सा फूट पड़ा। मुख्य सचिव ने मौके पर ही सभी बड़े अधिकारियों की क्लास लगा डाली। धान खरीदी के बाद रखे गए बोरों की स्टैकिंग तय मापदंड के अनुरूप नहीं होने पर सभी अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि खरीदे गए धान के बोरों को ज्यादा संख्या में अव्यवस्थित ढंग से रख दिया गया है, जिसकी वजह से उनकी गिनती भी सहीं तरीके से नहीं किया जा सकता। वहीं वारदानों के रिकार्ड पंजी भी दुरुस्त नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर, एसडीएम के साथ ही आला-अफसरों से सवाल-जवाब किया।
आश्वासन से नहीं चलेगा काम: मुख्य सचिव के दौरे के बाद किसानों ने जमकर नाराजगी जाहिर किया। किसानों की माने तो वे मुख्य सचिव से मिलकर उन्होंने आ रही दिक्कतों के विषय में अवगत करवाया। किसानों की समस्या को मुख्य सचिव ने ध्यान से सुना, लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर निकल गए। झाखरपारा संग्रहण केन्द्र के अध्यक्ष असलम मेमन का कहना है कि मुख्य सचिव के दौरे से किसानों के समस्या का कोई हल नहीं हो पाया। अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से शासन-प्रशासन दावा कर रही हैं कि 15 फरवरी तक पूरे किसानों का धान खरीद लिया जाएगा, लेकिन दावा सिर्फ दावा ही नजर आ रहा है। प्रतिदिन 1210 क्ंिवटल खरीदी से पूरे किसानों का धान खरीदा जाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में हम हफ्तेभर तक धान खरीदेंगे। उस दौरान हम देखेंगे कि यदि लिमिट के हिसाब से किसान धान नहीं बेच पा रहे है, तो किसानों के साथ चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
कर दूं क्या सस्पेंड
अपने औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव आरपी मंडल जिला खाद्य अधिकारी एचके डडसेना की कार्यप्रणाली को लेकर बहुत ज्यादा नाराज दिखे। उन्होंने सभी किसानों के बीच खाद्य अधिकारी से कहा कि इस गलती के लिए मैं अभी सस्पेंड कर दूं। इस बीच तीन दिन का समय देकर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देंश खाद्य अधिकारी को मुख्य सचिव ने दिया। खाद्य अधिकारी ने भी मुख्य सचिव को भरोसा दिलाया कि तीन दिनों के अंदर वे पूरी व्यवस्थाओं को सुधार लेंगे।
अफवाहों पर ध्यान न दें किसान
धान बेचने आए किसानों से भी मुख्य सचिव ने चर्चा की। उन्होंंने किसानों को आश्वस्त किया कि 15 फरवरी तक होने वाली धान खरीदी में पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्ंिवटल धान लिया जाएगा। पहले व्यवस्था दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद लिमिट बढ़ा दिया जाएगा। यह केन्द्र ओडिशा से लगा हुआ है। ऐसे में कलेक्टर और एसपी कड़ी निगरानी करते हुए बाहरी राज्यों से आने वाले धान के खेप को रोकने के लिए अपनी टीम लगातार कड़ी मेहनत करें।

dharmendra ghidode
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