होली के बाजार से चाइना की पिचकारी, रंग-गुलाल गायब

अन्तरराष्ट्रीय बाजार में चाइना को लेकर फैली दहशत के चलते बाजार में होली के त्यौहार में बीते वर्ष तक छाए रहने वाले चाइना आइटम गायब हैं।

By: ashok trivedi

Published: 07 Mar 2020, 12:31 AM IST

बलौदा बाजार. पूरी दुनिया में फिलहाल दहशत का पर्याय बन चुका कोरोना वायरस का असर होली त्यौहार के बाजार में नजर आ रहा है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में चाइना को लेकर फैली दहशत के चलते बाजार में होली के त्यौहार में बीते वर्ष तक छाए रहने वाले चाइना आइटम गायब हैं। होली के अवसर पर चाइना पिचकारी, रंग गुलाल से लेकर मास्क और अन्य फैंसी सामान की जगह देशी सामान नजर आ रहे हैं।
रंगो के त्यौहार होली को महज चार दिन बाकी हैं बावजूद इसके बाजार में कोई रौनक नजर नहीं आ रही है। बीते वर्षों तक होली के एक सप्ताह पहले ही बाजार में रंग-गुलाल, पिचकारी की दुकानें सजकर तैयार हो जाती थी, परंतु इस वर्ष होली के त्यौहार में कोरोना वायरस का तगड़ा असर नजर आ रहा है। सामान्य तौर पर कोरोना वायरस को सामान्य सर्दी की ही तरह इन्फेक्शन से फैलने वाला माना जा रहा है, जिसकी वजह से बहुतेरे लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर जाने से परहेज करने लगे हैं।
इस वर्ष रायपुर से हर्बल कलर तथा सेंटेड वाले गुलाल की खरीदी की गई है, जो सभी को पसंद आ रही है। बच्चों के लिए इस वर्ष भारतीय बाजारों के क्रिकेट खिलाड़ी मलिंगा वाले फैंसी लंबे बाल, नीले बाल से लेकर मुखौटे और पिचकारी की काफी मांग है। व्यापारियों ने बताया कि चाइना का सामान नहीं आने से बाकी चीजों के दाम तो लगभग वैसे ही हैं परंतु गुलाल के दाम तेज हो गए हैं। 70 रुपए प्रति किग्रा पर बिकने वाला गुलाल इस वर्ष बढ़कर 110-120 रुपए प्रति किग्रा हो गया है।
वायरस का खौफ
वहीं बाजार में भी कोरोना वायरस के खौफ के चलते चाइना के सामानों की आवक बंद होने से बीते वर्ष तक छाए रहने वाले चाइनीज पिचकारी और रंग-गुलाल गायब हो गए हैं। त्यौहार के महज चार दिन पूर्व शुक्रवार को नगर के बाजार इलाके का अवलोकन किया गया तो बाजार में रंग-गुलाल की इक्का-दुक्का दुकानें ही सजी नजर आई।
95 फीसदी सामान देशी
रंग-गुलाल, पिचकारी के व्यापारी मनीष पाटकर, नानक पंजवानी, सुनील, महेश वर्मा आदि ने बताया कि कोरोना वायरस का खौफ है। इसके चलते बाजार से चाइना के सामान गायब हो गए हैं। बलौदा बाजार के व्यापारी बड़े शहरों के थोक व्यापारियों के यहां से जो चाइना सामान खरीदकर लाते थे, उनके यहां भी इस वर्ष चाइना का माल आया ही नहीं है, जिसकी वजह से इस वर्ष बाजार में पूरी तरह से केवल भारतीय सामान ही बिक रहा है। इस वर्ष रायपुर के रंग-गुलाल, मुंबई और कोलकाता से पिचकारी, बलून, मास्क आदि की खरीदी की गई है। व्यापारियों ने बताया कि इस वर्ष ग्राहक भी जागरूक हो गया है और चाइना वाले सामान की मांग ही नहीं कर रहा है

ashok trivedi Desk/Reporting
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