सीएम भूपेश बोले- किसानों का कर्ज अब नहीं होगा माफ

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ किया है कि हर बार किसानों का कर्ज माफ नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले कर्जमाफी का वादा किया था। सरकार बनी तो कर्जमाफ किया गया। इस साल कर्ज माफ किया जा चुका है, यह हर बार नहीं होगा।

रायपुर. राज्य सरकार ने मंत्रिपरिषद की पहली ही बैठक में किसानों का अल्पकालिक फसली ऋण माफ करने का आदेश दिया था। उसके बाद प्रदेश के सहकारी बैंकों से 30 नवम्बर 2018 तक लिए गए 16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों का 1600 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया गया। कुछ महीने बाद राष्ट्रीयकृत और ग्रामीण बैंकों से लिए गए कर्ज भी माफ किए गए। इस बीच ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से कर्जमाफी का शिगुफा उठा हुआ है।


बस्तर में ई-टेंडर नहीं होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बेरोजगारों को काम दिलाने के लिए ई-टेंडर प्रणाली पर रोक लगा दी गई है। अब वहां सामान्य तरीके से निविदा भरी जा सकेगी।


श्वेतपत्र जारी करे सरकार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा,भारत के इतिहास में आज तक ऐसी ठगी नहीं हुई होगी जैसा वोट के लिए यहां कांग्रेस ने किया। किसानों को वादे के अनुरुप दो वर्ष का बकाया बोनस देने की भी कोई सुगबुगाहट नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितने किसानों का कर्ज माफी किया गया है। इस पर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार केवल वाहवाही लूटने के लिए कर्जमाफी की बातें कह रही है।


भाजपा पर हमलावर हुई कांग्रेस
कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में स्वामिनाथन कमेटी की सिफारिश लागू कर 50 प्रतिशत लाभ दिलाने का वादा किया था। उसे पूरा नहीं किया। इसकी वजह से किसान कर्ज के बोझ से दबते चले गए। रमन सिंह के कार्यकाल में रोज किसान आत्महत्या की घटना होती थी। कांग्रेस ने सत्ता सम्भालते ही सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ किया। उसके बाद 2500 रुपए में धान खरीदा। अब खेती घाटे का सौदा नहीं रह गयी है। कर्ज माफी वन टाईम सेटलमेंट था। उन्होंने कहा, यही भाजपा और कांग्रेस के बीच का अंतर है।


कानपुर में सीएम ने कहा- सावरकर नहीं, गणेशशंकर विद्यार्थी को दें भारतरत्न
सीएम बघेल ने उत्तरप्रदेश के कानपुर के मोतीझील में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेशशंकर विद्यार्थी जयंती समारोह में शिरकत की। कानपुर में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की परिचर्चा में भी उन्होंने अपनी बात रखी। इस आयोजन में उनका सम्मान किया गया। महान पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न देने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि 1911 तक सावरकर क्रांतिकारी थे. लेकिन अंग्रेजों से माफी मांगकर 1925 में छूटने के बाद सावरकर ने देश के विभाजन का बीज बोया।
झारखंड में आक्रोश रैली
मुख्यमंत्री बघेल झारखंड की जामताड़ा जिला स्थित रानीगंज में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा, प्रदेश की भाजपा सरकार रोजगार, कृषि, महिला सुरक्षा और आदिवासी हित सहित हर मसले पर विफल रही है।

Nikesh Kumar Dewangan
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