राज्य स्तरीय सतत विकास लक्ष्य संचालन समिति की प्रथम बैठक में बोले सीएम भूपेश-विकास में कोई भी पीछे न छूटे

मुख्यमंत्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में सतत विकास लक्ष्य की समीक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) संचालन समिति की प्रथम बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा द्वारा अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों में गरीबी खत्म करना, पर्यावरण की रक्षा, आर्थिक असमानता को कम करना और सभी के लिए शांति और न्याय सुनिश्चित करना शामिल है.

By: Shiv Singh

Published: 12 Jul 2021, 06:27 PM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार का विकास एजेण्डा और राज्य सरकार की योजनाएं संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा अपनाए गए सतत विकास लक्ष्य से जुड़ी हुई हैं। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि विकास में कोई भी पीछे न छूटे। राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में सतत विकास लक्ष्य की समीक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) संचालन समिति की प्रथम बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा द्वारा अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों में गरीबी खत्म करना, पर्यावरण की रक्षा, आर्थिक असमानता को कम करना और सभी के लिए शांति और न्याय सुनिश्चित करना शामिल है।
इन योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं यथा मध्यान्ह भोजन, मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना, सर्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली, हाट बाजार एवं मोहल्ला क्लीनिक योजना, महतारी जतन योजना, राजीव गाँधी किसान न्याय, सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों के उद्देेश्यों को पूरा करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सतत् विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार किये गये स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क तथा उस पर आधारित बेसलाईन एवं प्रोग्रेस रिपोर्ट 2020 का विमोचन किया। उन्होंने बैठक में विभागों को सतत् विकास लक्ष्य प्राप्ति हेतु तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कसावट आएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार किये गये Óस्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्कÓ से लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सुनियोजित रुप से मूल्यांकन, अनुश्रवण और अनुशीलन किया जा सकेगा, जिससे विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कसावट आयेगी और राज्य की रैकिंग में सुधार होगा। इस फ्रेमवर्क में 17 लक्ष्यों के मूल्यांकन हेतु 275 इंडिकेटर्स का निर्धारण किया गया है। फ्रेमवर्क में प्रत्येक इंडिकेटर को विभागों के साथ मैप किया गया है साथ ही विभिन्न योजनाओं की भी मैपिंग की गई है। योजना आयोग द्वारा तैयार किये गए प्रत्येक एस.डी.जी. लक्ष्य हेतु इंडिकेटर्स से सभी लक्ष्यों की समयाबद्ध पूर्ति में विभागों को सहायता मिलेगी तथा व्यवस्थित रुप से मूल्यांकन भी संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य योजना आयोग के स्तर पर एस.डी.जी. सेल गठित करने के प्रस्ताव को सहमति दी।
बघेल ने कहा कि स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क के तर्ज पर जल्द ही डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क का भी निर्धारण किया जाएगा, जिससे सभी जिलों को उनके परफॉरमेंस के आधार पर रैकिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा हाल में ही ÓÓएस.डी.जी. इंडिया इंडेक्सÓÓ जारी किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 61 अंक हासिल कर ÓÓपरफार्मरÓÓ राज्य की श्रेणी में स्थान बनाया है। राज्य ने लैगिंक समानता में पूरे देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री भी बोले-
प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री अमरजीत भगत ने योजना आयोग द्वारा तैयार किये गये स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क सतत विकास लक्ष्यों को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने में सहायक होगा। योजना आयोग द्वारा प्रोग्रेस रिपोर्ट भी तैयार की गई है। जिसमें इंडिकेटरवार प्रगति सूचित की गई है। उन्होंने विभागाध्यक्षों तथा जिला अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं की इसी फ्रेमवर्क के आधार पर मॉनिटरिंग करने की सलाह दी। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इंडेक्स ने लक्ष्यवार राज्य की रैंकिंग में सुधार करने, गुणवत्तायुक्त डाटा संग्रहण की आवश्यकता बताई। इसी प्रकार राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह द्वारा एस.डी.जी. निर्धारण हेतु किये गये प्रयास, संस्थागत ढ़ांचा निर्धारण, राज्य एवं जिला स्तर पर अनुश्रवण व अनुशीलन हेतु गठित समितियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने बैठक में बताया कि अभी तक कुछ ही राज्यों ने Óएस.डी.जी. इंडिकेटर फ्रेमवर्क व प्रोग्रेस रिपोर्टÓ का निर्धारण किया है। इंडेक्स में छत्तीसगढ़ राज्य को परफार्मर की श्रेणी में रखा गया है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में योजना एवं साख्यिकी मंत्री अमरजीत भगत, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा और राजेश तिवारी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, सदस्य सचिव अनूप कुमार श्रीवास्तव, राज्य योजना आयोग के संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, श्रम मंत्री शिवकुमार डहरिया, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, सचिव वित्त अलरमेलमंगई डी., आयुक्त योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी शिखा राजपूत तिवारी, युनिसेफ के छत्तीसगढ़ प्रमुख जॉब जकारिया, युनिसेफ के बाल परितोष दास और मेहबूब रहमान वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल हुए।

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