धान पर सियासत: CM बोले- FCI में चावल जमा करने की अनुमति नहीं मिली तो दिल्ली में होगा आंदोलन

- धान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला
- केंद्र सरकार पर धान खरीदी को लेकर लगाया भेदभाव का आरोप

By: Ashish Gupta

Published: 03 Jan 2021, 10:17 AM IST

रायपुर/रायगढ़. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) शनिवार शाम यहां मिनी स्टेडियम में लोगों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ को एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति नहीं मिली तो प्रदेश के किसान दिल्ली में आंदोलन करेंगे। केंद्र सरकार ने धान का एमएसपी 1868 रुपए तय किया है, लेकिन हम किसानों को 2500 रुपए दे रहे हैं।

राजीव गांधी न्याय योजना के तहत जो राशि किसानों को एमएसपी के ऊपर दी जा रही है उस पर केंद्र सरकार को आपत्ति है। इसीलिए एफसीआई में चावल जमा करने के लिए अक्टूबर-नवंबर में खुल जाने वाले गोदाम जनवरी में भी नहीं खुले हैं। वैसे तो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से चर्चा चल रही है, लेकिन बात नहीं बनी तो किसान दिल्ली जाने के लिए बाध्य होंगे।

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समर्थन मूल्य देने को बजट है : चौबे
कार्यक्रम में रायगढ़ के प्रभारी व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, किसानों को समर्थन मूल्य की राशि देने का बजट हमारे पास है। हम उन्हें राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से देंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विधायक प्रकाश नायक, लालजीत सिंह राठिया, चक्रधर सिदार, उत्तरी जांगड़े मौजूद थे।

किसान न्याय योजना और धान के बोनस में फर्क : सीएम
बिलासपुर रवाना होने से पहले सीएम भूपेश बघेल ने राजधानी में मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर धान खरीदी रोकने का षडय़ंत्र करने और केंद्र को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, रमन सिंह और भाजपा राजीव गांधी किसान न्याय योजना को धान का बोनस बताने की कोशिश कर रही हैं। जबकि दोनों में फर्क है। जिस तरह से केंद्र किसानों को भारत सम्मान निधि दे रही है, हमने पिछले साल राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की थी। यह किसानों को सहायता देना है।

सीएम ने कहा, मैंने विधानसभा में भी यही बात कही थी कि धान समर्थन मूल्य पर खरीदा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अलग है। दोनों योजनाओं को एक साथ क्लब न करें। उन्होंने कहा, रमन सिंह ने खुद कहा था धान खरीदी की हैं लेकिन अभी तक उसका 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान नहीं किया। मुख्यमंत्रीने मुख्य सचिव अमिताभ जैन को केंद्र के अफसरों से इस पर चर्चा करने को कहा है।

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भाजपा का भी पलटवार
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, 15 साल हमने सरकार चलाई लेकिन कभी केंद्र से बारदाना का रोना नहीं रोया। सरकार बारदाना के नाम पर राजनीति कर रही है। डॉ. रमन को बीच में लाने से अच्छा है, कांग्रेस सरकार को केंद्र से बात करे। किसानों को राज्य और केंद्र से मतलब नहीं। उन्हें धान का पूरा पैसा मिले बस।

सिंहदेव बोले, केंद्र का रुख दुर्भाग्यजनक
छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, केंद्र ने 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की अनुमति, मगर एफसीआई ने अभी तक हमें कोई पत्र नहीं लिखा है कि अरवा कितना जमा करना है और उसना कितना। धान जमा है। धान खरीदी को लेकर केंद्र सरकार का रुख दुर्भाग्यजनक है। केंद्र व्यवस्था बनाने में असफल रही है।

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Ashish Gupta Desk
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