सीएम ने कहा- लॉकडाउन में भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा असर, जारी रही कारोबारी गतिविधियां

संसदीय सचिव का शपथ ग्रहण समारोह

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 15 Jul 2020, 01:22 AM IST

रायपुर . मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संसदीय सचिवों के शपथ ग्रहण समारोह में कहा कि देशभर में मंदी के बाद भी छत्तीसगढ़ की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था में किसी भी तरह का असर देखने को नहीं मिला है। लॉकडाउन के दौरान भी कारोबारी गतिविधियां जारी रही। खास तौर पर आटोमोबाइल सेक्टर में उछाल देखने को मिला है। किसानों को ट्रेक्टर तक की डीलर आपूर्ति नहीं कर पा रहे है। इसी तरह मोटरसाइकिलें भी जमकर बिकी है। साथ ही राज्य के अर्थव्यवस्था भी ठीक हुई है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद पीएल पुनिया, सांसद ज्योत्सना महंत सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्रीगण, विधायकगण, अनेक जनप्रतिनिधि सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन मुख्य सचिव आरपी मण्डल और आभार प्रदर्शन सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह ने किया।

इन वजहों से मिला मौका

विकास उपाध्याय - युवा विधायकों में सबसे सक्रिय नेता। युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय जिम्मेदारी रही है। रायपुर शहर जिला कांग्रेस का अध्यक्ष रहे। चुनाव में ताकतवर मंत्री राजेश मूणत को हराया। मुख्यमंत्री का वरदहस्त। किसी को आपत्ति भी नहीं थी।
अंबिका सिंहदेव - कोरिया राजघराने की प्रतिनिधि और पहले वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव की भतीजी हैं। पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे भैयालाल राजवाड़े को हराया था। टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत दोनो ने इनकी सिफारिश की।

चिंतामणि महाराज - कई बार के विधायक हैं। सरगुजा के प्रतिष्ठित संत गहिरा गुरु के सुपुत्र। पिछली बार लुण्ड्रा से विधायक थे, अभी सामरी से हैं। चुनाव से पहले कथित तौर पर भाजपा ने उन्हें मंत्री पद का लालच देकर तोडऩे की कोशिश की थी. टीएस सिंहदेव की पसंद हैं।
पारसनाथ राजवाड़े - कई बार के विधायक। सरगुजा के सक्रिय विधायकों में शुमार। मंत्री पद की दौड़ में नहीं थे। टीएस सिंहदेव की पसंद।
यूडी मिंज - जशपुर के महत्वपूर्ण आदिवासी नेता। एक बार पहले भी विधायक रहे हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चरणदास महंत का समर्थन हासिल है।
रश्मि सिंह - बिलासपुर क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेसी बलराम सिंह ठाकुर की बहू हैं। परिवार चरणदास महंत और टीएस सिंहदेव का करीबी रहा है। भूपेश बघेल से भी ठाकुर परिवार का आत्मीय संबंध।
द्वारिकाधीश यादव- महासमुंद जिले से कोई मंत्री नहीं है। यादव समाज का भी प्रतिनिधित्व नहीं। इसको लेकर समाज में असंतोष था। संसदीय सचिव बनाकर इसे संतुलित किया गया है. मुख्यमंत्री की पसंद।
विनोद सेवनलाल चंद्राकर - महासमुंद विधायक क्षेत्रीय संतुलन के लिए है. कुर्मी समाज में भी दखल का फायदा मिला है। मुख्यमंत्री की पसंद हैं।
चंद्रदेव प्रसाद राय - शिक्षा कर्मियों के नेता से सक्रिय राजनीति में आए.पहली बार विधायक।

संस्कृत में शपथ

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सबसे पहले सामरी के विधायक चिंतामणी महाराज ने संस्कृत में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसके बाद शेष संसदीय सचिवों ने बारी-बारी से हिंदी में
शपथ ली।

तीन मंत्रियों को मिले दो-दो संसदीय सचिव

इस सरकार में मुख्यमंत्री समेत 13 मंत्री है, लेकिन १५ संसदीय सचिवों की नियुक्ति की गई है। इस वजह से मंत्री टीएस सिंहदेव, मंत्री ताम्रध्वज साहू और मंत्री मोहम्मद अकबर के विभाग में दो-दो संसदीय सचिवों की
नियुक्ति की है।

बारिश का गजब संयोग

इस सरकार में बारिश का गजब संयोग देखने को मिल रहा है। जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ ली थी, उस दिन भी तेज बारिश हुई थी। इसके बाद मंत्रिपरिषद और संसदीय सचिवों के शपथ ग्रहण समारोह में भी बारिश हुई है।

पुनिया बोले- भाजपा को उभरने में लगेंगे 10 साल

संसदीय सचिवों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का बड़ा बयान सामने आए। पुनिया ने कहा, भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने में तुली हुई है। भाजपा की कोशिश देश में यही है कि किस तरह से जनता की चुनी हुई सरकार में तोड़-फोड़ की राजनीति की जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मौजूदा हालत को लेकर कहा, छत्तीसगढ़ में यह कोशिश भाजपा कर भी नहीं सकती। यहां की जनता ने भाजपा को मुंह तोड़ जवाब दिया है। ऐसा में भाजपा को उभरने में १० साल लग जाएंगे। राजस्थान मामले में सचिन पायलट को हटाए जाने पर पुनिया ने कहा, यदि कोई पार्टी के साथ अनुशासनहीनता करेगा, तो उसके साथ एेसे ही होगा। यह एक प्रकार से संदेश है कि यदि कोई पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहेगा, तो उसका यही अंजाम होगा। पुनिया ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार नवा छत्तीसगढ़ गढ़ रही है। एक ऐसा छत्तीसगढ़ जो जनता के सपनों का छत्तीसगढ़ है। ऐसे छत्तीसगढ़ में भाजपा की न चाल चलने वाली है, न दाल गलने वाली है। कांग्रेस हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने में आगे रही है।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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