सीएम बोले, रमन सिंह के पास काम नहीं, ट्वीट कर काट रहे समय, कौशिक ने दिया ये जवाब

मुख्यमंत्री बघेल ने फिर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, रमन सिंह जी खाली बैठे हैं। उनके पास कोई काम रहा नहीं है। दिल्ली में उनको कोई पूछता नहीं है। अभी पांच-पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनकी ड्यूटी लगी नहीं है। ऐसे में खाली बैठे-बैठे क्या करेंगे। उनको अपनी पुरानी बातें याद आती है तो ट्वीट कर देते हैं।

By: Dhal Singh

Updated: 25 Jan 2021, 01:25 AM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री ने कहा, उनके शासन काल में 15 लाख किसानों का पंजीयन होता था। 12 लाख किसान धान बेचते थे। 50-60 लाख मीट्रिक टन धान खरीदते थे। अब हालात बदल गए है। अभी 86 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो गई है। मक्का की आय को लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया है। धान भी बाहर बेच लेते। क्यों यहां की योजना का लाभ ले रहे हैं? राजीव गांधी न्याय योजना को भी उनकी भारत सरकार बोनस मान रही है। जबकि बोनस नहीं है। रमन सिंह यदि बोनस मानते हैं, तो उसे वापस करें। योजना का लाभ भी लेंगे और विरोध भी करेंगे। ये दो बात नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने कहा, रमन सिंह को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि भारत सरकार ने बोनस देने के लिए राÓय सरकारों को मना किया है, वो सही है या गलत।
रमन नकली किसान
एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, किसान तो एक ही गमछा लेकर चलता है। रमन सिंह सिर में भी बांधे हैं और गले में भी लगाएं हैं। तो उनको बताना पड़ रहा है कि मैं किसान हुआ। हमारे किसान कांग्रेस का जब भी कार्यक्रम होता है हम भी गमछा को लगाते हैं। वे लगाए अ'छी बात है, अब यह है कि किसान की तरह कमर में उसे कब बांधेंगे। वो नकली किसान है, कितना भी कर ले, लेकिन सफल नहीं होंगे।
कौशिक का पलटवार: भुगतान किसानों को, नेताओं को नहीं
मुख्यमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, पंजीयन किसानों का हुआ, नेताओं का नहीं। धान का जो भी भुगतान हो रहा है, वो भी किसानों को हो रहा है, नेताओं को नहीं। सरकार को अपने वादे पर खरा उतरना चाहिए। पिछले साल की राशि आज तक नहीं दे सकी। सरकार लगातार झूठे बहाने बना रही है। उन्होंने घोषणा पत्र क्रियान्वयन समिति की बैठक को लेकर कहा, यह दुर्भाग्यजनक है कि घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष को घोषणा पत्र क्रियान्वयन समिति में शामिल नहीं किया गया है। हम तो चाहते हैं कि कांग्रेस अपना घोषणा पत्र लेकर बैठक जाए और चर्चा कर ले कि कितना अमल हुआ है।

Dhal Singh Desk
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