कोयला संकट : इस बार दिवाली क्या अंधेरे में मनेगी

सीएम की आपात बैठक : ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति व उपलब्धता की समीक्षा छत्तीसगढ में ताप विद्युत संयत्रों के लिए सिफ तीन से चार दिनों का कोयला

-अब एसईसीएल प्रतिदिन देगा 29,500 मीट्रिक टन कोयला

प्रदेश के विद्युत संयंत्रों में यह है कोयला की मौजूदा स्थिति - डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र कोरबा ईस्ट में 3.8 दिवस का कोयला

- हसदेव ताप विद्युत संयंत्र में कोरबा वेस्ट में 3.2 दिवस का कोयला

- मड़वा ताप विद्युत संयंत्र में 7 दिवस का कोयला

By: ramendra singh

Published: 11 Oct 2021, 10:53 PM IST

रायपुर. देशभर में गहराए कोयला संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई। इसमें छत्तीसगढ़ के ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति एवं उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसमें यह तथ्य सामने आया कि प्रदेश के दो ताप विद्युत संयंत्रों में कोयला का संकट है। यहां तीन से चार दिन ही बिजली का उत्पादन हो सकता है। बैठक में मुख्यमंत्री की पहल पर कोयला संकट दूर करने एसईसीएम प्रतिदिन 29 हजार 500 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति करने की सहमति दी है। वर्तमान में 23 हजार 290 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति की जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के सीएमडी से कहा, छत्तीसगढ़ की खदानों से कोयला निकालकर छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों को कोयले की आपूर्ति की जाती है। चूंकि छत्तीसगढ़ से कोयले का उत्पादन किया जा रहा है, इसलिए एसईसीएल द्वारा प्राथमिकता के आधार पर छत्तीसगढ़ के ताप विद्युत संयंत्रों को उनकी आवश्यकता के अनुसार अच्छी गुणवत्ता के कोयले की सप्लाई की जानी चाहिए।

रेलवे पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराएगा रैक

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, रेलवे छत्तीसगढ़ को कोयले और चावल की आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में रैक उपलब्ध कराना तय करे। इस पर दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के जीएम ने इसके लिए सहमति दी।

तीन संयंत्र बंद, 529 मेगावाट का कम उत्पादन

वर्तमान में एनटीपीसी की लारा (400 मेगावाट), सीपत यूनिट (104 मेगावाट), एनएसपीएल संयंत्र (25 मेगावाट) वार्षिक रखरखाव के कारण बंद है। इस कारण कुल 529 मेगावाट बिजली कम प्राप्त हो रही है। एनटीपीसी की लारा यूनिट 12 अक्टूबर से प्रारंभ होने की संभावना है। इस यूनिट के प्रारंभ होने पर एक्सचेंज से विद्युत क्रय की स्थिति लगभग नहीं रहेगी। एनटीपीसी सीपत संयंत्र 21 अक्टूबर तक प्रारंभ होने की संभावना है।
5 दिन से कम कोयला तो क्रिटिकल स्थिति

बैठक में राज्य विद्युत कम्पनियों के अध्यक्ष एवं ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव अंकित आनंद ने बताया, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण मानक के अनुसार 5 दिनों की आवश्यकता से कम कोयले की उपलब्धता को क्रिटिकल स्थिति माना जाता है। अब कोयले की आपूर्ति बढऩे से छत्तीसगढ़ के ताप विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता होगी। उन्होंने कहा, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

ramendra singh Desk
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