दिव्यांग बच्चों के इस गाने को सुनकर भावुक हो गए कलेक्टर साहब, बढ़ाया हौसला

दिव्यांग बच्चों के इस गाने को सुनकर भावुक हो गए कलेक्टर साहब, बढ़ाया हौसला

Chandu Nirmalkar | Publish: Jan, 02 2019 05:31:47 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

पहले नृत्य की शुरूआत एक दो बच्चों से हुई, फिर सारे बच्चे सक्रिय हो गए।

राजनांदगांव. नए साल की सुबह की शुरूआत कलक्टर भीम सिंह ने दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताकर की। उन्होंने सभी बच्चों से पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा। उनसे पूछा कि खाली वक्त में क्या करते हो। बच्चों ने बताया कि खाली वक्त में वे खूब गाना गाते हैं। गाना सीखते हैं। डांस करते हैं। कलक्टर ने बच्चों से कहा कि वे उनका डांस देखना चाहते हैं। इस पर बच्चों ने बम बम भोले मस्ती में झूमे गाने पर नृत्य किया। पहले नृत्य की शुरूआत एक दो बच्चों से हुई, फिर सारे बच्चे सक्रिय हो गए।

भावुक हुए कलेक्टर
बच्चों ने कलक्टर को इतनी शक्ति हमें दे न दाता और हमको मन की शक्ति देना जैसे गीत सुनाएं। इस दौरान कलेक्टर साहब भावुक हो गए। कलक्टर सिंह ने कहा कि इन बच्चों को मुख्यधारा में लाना, इनकी प्रतिभा को निखारना सबसे अहम कार्य है। लगातार मेहनत करने से, प्यार देने से बच्चों में आत्मविश्वास निखरेगा और ये भी सामान्य बच्चों की तरह ही आसानी से अपना कार्य कर पाएंगे और अपना अलग मुकाम बना पाएंगे। इस दौरान चीफ मिनिस्टर फेलो प्रियंका सेठी व यूनिसेफ कंसलटेंट शिखा राणा भी उपस्थित थीं।

एक-एक बच्चे की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी
कलक्टर ने अधीक्षक पांडे से सभी बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मंगाई। उन्होंने एक-एक बच्चे की प्रोग्रेस देखी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ ही बच्चों का मनोरंजन एवं संपूर्ण विकास भी बहुत जरूरी है। इसके लिए विशेष रूप से कार्य करें। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक बीएल ठाकुर ने बताया कि यहां का स्टाफ एमआर के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है। उनके समग्र विकास के लिए हर बच्चे की जरूरतों के अनुरूप विशेष फोकस टीचर दे रहे हैं। अधीक्षक पांडे ने बताया कि बहुत से बच्चों की कविता में विलक्षण योग्यता है।

बच्चों के साथ लिया लंच
कलक्टर ने सभी बच्चों के साथ बैठकर लंच लिया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि यहां रोज खाना कैसा मिलता है। बच्चों ने कहा कि हमें यहां रोज स्वादिष्ट खाना मिलता है। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की पोषण जरूरतों के अनुरूप भोजन उपलब्ध करा दिए जाने से लक्ष्य हासिल करने की दिशा में बड़ी मदद मिलती है। हमेशा इस बात पर पूरा ध्यान दें कि खाना हाइजिनिक वातावरण में बनें। खाना खाने से पहले हाथ धोने जैसी जरूरी बातें बच्चे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें।

परिसर का किया अवलोकन
कलक्टर ने सामथ्र्य परिसर का अवलोकन भी किया। उन्होंने यहां के प्रबंधन से खुशी जताई। उन्होंने परिसर में लगाई गई स्टीफन हॉकिंग जैसे वैज्ञानिकों की तस्वीरों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्टीफन हॉकिंग जैसे वैज्ञानिक तमाम बाधाओं के बावजूद अपना लक्ष्य प्राप्त करने में सफल हुए। ऐसे उदाहरणों को बच्चों के सामने रखें ताकि उनके आत्मविश्वास का स्तर बढ़ सके और वे उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ सके।

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