धमतरी नगर निगम में टूटा रिकॉर्ड, कांग्रेस ने यहां पहली बार चखा जीत का स्वाद

शहर के 138 साल के इतिहास में नगर निगम की कुर्सी पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है। महापौर चुनाव में कांग्रेस के विजय देवांगन को 22 मत मिले, वहीं भाजपा के धनीराम सोनकर को 18 मत मिले, वहीं सभापति पद भी कांग्रेस की झोली में आई।

By: Ashish Gupta

Updated: 06 Jan 2020, 06:01 PM IST

धमतरी. शहर के 138 साल के इतिहास में नगर निगम (Dhamtari Nagar Nigam) की कुर्सी पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है। महापौर चुनाव में कांग्रेस (Congress) के विजय देवांगन को 22 मत मिले, वहीं भाजपा के धनीराम सोनकर को 18 मत मिले, वहीं सभापति पद भी कांग्रेस की झोली में आई। अनुराग मसीह निगम के नए सभापति होंगे। इस तरह दोनों पद के लिए भाजपा में क्रॉस वोटिंग कराने में कांग्रेस सफल रहे।

महापौर और सभापति चुनाव को लेकर सोमवार को दिनभर कांग्रेस-भाजपा की राजनीति गरमाई रही। शपथ ग्रहण के लिए सुबह ठीक दस बजे भाजपा पार्षद पर्यवेक्षक अजय चन्द्राकर, पूर्व विधायक इंदर चोपड़ा, जिलाध्यक्ष शशि पवार की अगुवाई में नगर निगम पहुंचे, वहीं इसके पांच मिनट बाद कांग्रेस पार्षद दल पीसीसी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी के नेतृत्व में पहुंचे।

यहां पीठासीन अधिकारी रजत बंसल ने पांच-पांच के ग्रुप में सभी 40 पार्षदों को शपथ दिलाया गया। शपथ ग्रहण के ठीक बाद महापौर और सभापति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। यह चुनाव निगम के सभाकक्ष में हुआ। सुबह 11 से 12 बजे के बीच नामांकन दाखिल किया गया, जिसमें कांग्रेस की ओर से महापौर प्रत्याशी विजय देवांगन और सभापति के रूप में अनुराग मसीह ने नामांकन भरा। दूसरी ओर भाजपा की तरफ महापौर प्रत्याशी के रूप में धनीराम सोनकर तथा सभापति के लिए राजेन्द्र शर्मा ने फार्म भरा।

उल्लेखनीय है कि नामांकन और संवीक्षा के बाद दोपहर 2 बजे से साढ़े ३ बजे तक मतदान होना था, लेकिन कांग्रेस-भाजपा दोनों ही पार्टियों के पार्षदों के जल्द मतदान कराने के आग्रह के बाद पीठासीन अधिकारी रजत बंसल ने दोपहर डेढ़ बजे मतदान कराया। इस तरह घंटेभर के भीतर मतदान की प्रक्रिया भी पूरी हो गई। महापौर और सभापति का चुनाव करने के लिए प्रत्येक पार्षदों ने दो-दो मत डाले। मतदान के तत्काल बाद मतों की गिनती हुई। जैसे ही पीठासीन अधिकारी ने परिणाम सुनाया, तो निगम सभाकक्ष में कांग्रेस पार्षदों में भारी उत्साह छा गई। सभी एक-दूसरे को बधाईयां देने लगे।

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रचा गया इतिहास
महापौर विजय देवांगन और सभापति अनुराग मसीह की जीत की अधिकृत घोषणा होते ही निगम परिसर के बाहर मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी का ठिकाना न रहा। विजय देवांगन को 22 मत मिले, वहीं भाजपा के धनीराम को 18 मत मिले। जबकि सभापति के लिए अनुराग मसीह को 25 तथा राजेन्द्र शर्मा को 15 मत मिले। शहर में 138 सालों के इतिहास के बाद पहली बार यहां कांग्रेस जीत दर्ज कर नया इतिहास बनाया है। कार्यकर्ताओं ने महापौर और सभापति को कंधे में उठाकर बाहर निकले।

जमकर हुई आतिशबाजी
कांग्रेस की जीत के बाद कार्यकर्ताओं ने निगम दफ्तर के समक्ष जमकर आतिशबाजी की। इसके बाद बाजे-गाजे के साथ सभी कार्यकर्ता नाचते हुए कांग्रेस भवन पहुंचे। यहां एक संक्षिप्त आभार सभा हुई। यहां पीसीसी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने कहा कि यह जीत आम कार्यकर्ताओं की जीत है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आशीर्वाद से धमतरी शहर में विकास की गंगा बहाएंगे। महापौर विजय देवांगन, सभापति अनुराग मसीह ने इस जीत को एतिहासिक बताते हुए इसका श्रेय कार्यकर्ताओं को दिया।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर धमतरी की तस्वीर बदलेगी। जो काम अब तक 1३8 सालों में नहीं हुआ, उसे कांग्रेस करेगी और आने वाले 1३8 सालों तक कांग्रेस जनहित के कार्यों के बल पर राज करेगी। इस अवसर पर संगठन के जिला प्रभारी भोलाराम साहू, जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी, पंकज महावर, शरद लोहाना, आनंद पवार, नरेश जसूजा, योगेश लाल, केतन दोशी, विनोद जैन, मदन मोहन खंडेलवाल, युसूफ रिजवी, वीरेन्द्र कोसरिया, दुष्यंत घोरपडे, अशरफ रिजवी, अहमद रजा, पवन लिखी,निखिलेश देवान, श्यामलाल यादव, नम्रता पवार, मनीषा साहू, ईश्वरी पटवा, सलीम रोकडिय़ा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे।

भाजपा में हुई क्रॉस वोटिंग
उल्लेखनीय है कि चालीस वार्डों वाले धमतरी शहर में कांग्रेस के 18 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे, वहीं भाजपा के 17 पार्षद जीते थे। 5 पार्षद निर्दलीय जीतकर आए थे, इनमें से तीन निर्दलीय पार्षद रूपेश राजपूत, ज्योति वाल्मिकी और कमलेश सोनकर ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था। जबकि निर्दलीय हेमंत बंजारे और श्यामा साहू ने भाजपा का साथ दिया था। लेकिन मतदान के बाद जो परिणाम आया, वह चौकाने वाला था। 21 सीटों वाली कांग्रेस को महापौर चुनाव में 22 वोट मिले, वहीं सभापति चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर कांग्रेस को 25 हो गई। भाजपा को महज 15 वोट मिले, जबकि भाजपा के ही खुद के 17 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे। इस तरह कांग्रेस, भाजपा पार्षद दल में सेंधमारी करने में सफल रहे।

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भाजपाई सदमे में
क्रॉस वोटिंग को लेकर भाजपा पार्षद दल में निराशा छा गई। हार के बाद निगम दफ्तर से मायूस होकर भाजपा पार्षद बाहर निकले। इधर, पार्टी व्हीप का उल्लंघन करने से भाजपा संगठन भी सकते में है। पार्टी ने यहां 1३8 सालों के इतिहास को दोहराने के लिए प्रदेश के कद्दावर नेता अजय चन्द्राकर को कमान सौंपी थी, जिनके मार्गदर्शन में पार्षदों का दल जगन्नाथ पुरी की यात्रा भी की। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने यहां हर हाल में भाजपा के सत्ता को बचाने के लिए रणनीति बनाई। बावजूद इसके उनके पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। इसे लेकर पार्टी नेताओं को बड़ा सदमा लगा है। यही वजह है कि हार के बाद एक-एक कर अजय चन्द्राकर, इंदर चोपड़ा से लेकर तमाम नेता और कार्यकर्ता यहां से चलते बने।

सुरक्षा की रही तगड़ी व्यवस्था
चुनाव को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया था। सुबह 9 बजे से ही यहां 80 पुलिस के अधिकारियों और जवानों को तैनात कर दिया गया था। निगम दफ्तर के सामने से गुजरने वाली आम रास्ता को बंद कर नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया था। दोनों छोर में बेरिकेट्स लगाया गया था। यहां सुरक्षा व्यवस्था की कमान एएसपी मनीषा ठाकुर, डीएसपी अरूण जोशी, सारिका वैद्य ने सम्हाल रखी थी।

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एलईडी से चिपके रहे
गौरतलब है कि चुनावी प्रक्रिया निगम के सभाकक्ष में हुआ। यहां निर्वाचित पार्षदों के अलावा किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। यही नहीं सभी पार्षदों का मोबाइल भी बंद करा दिया गया था। अंदर क्या-क्या चुनावी गतिविधियां चल रही है, इसे दिखाने के लिए बाहर एलईडी की व्यवस्था की गई थी। बाहर बैठकर ही कांग्रेस के आला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनावी गतिविधियों की एक-एक पल पर नजर जमाए हुए थे।

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