किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र पर बोला हमला, कहा - दोगुनी आय का वादा करने वाली मोदी सरकार ने फिर किसानों को ठगा

कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर एक बार फिर निशाना साधा है। प्रदेश के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने महंगाई के अनुपात में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की बात कही।

By: Ashish Gupta

Updated: 10 Jun 2021, 01:26 PM IST

रायपुर. कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर एक बार निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश इकाई ने राजधानी रायपुर में पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में एक प्रेस कांफ्रेंस में मोदी सरकार और भाजपा को किसान विरोधी बताया है। प्रदेश के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे (CG Agriculture Minister Ravindra Choubey) ने महंगाई के अनुपात में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की बात कही। उन्होंने कहा, 20-21 की खरीफ फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।

कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला
• 20-21 की खरीफ फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य ऊंट के मुंह में जीरा
• जितना पैसा किसानों को मिलेगा उससे ज्यादा तो मोदी डीजल के दामों से वसूल कर रहे
• मोदी सरकार के फैसले ने साबित किया कि भाजपा किसान विरोधी है
• केंद्र के सरकार ने खरीफ फसलों के लिए वर्ष 2021-22 के न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा कर दी है
• समर्थन मूल्यों में वृद्धि की जो घोषणा की गई है, वह इतनी कम है कि उसे ऊंट के मुंह में जीरा कहें तो गलत नहीं होगा
• भाजपा के संकल्प पत्र में 2014 और 2019 दोनों में कहा गया था कि पार्टी वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेगी
• स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया गया था
• लेकिन सच यह है कि स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने में किसान के साथ ठगी कर गलत फार्मूला लगा लिया गया और कहा गया कि रिपोर्ट लागू हो गई
• और समर्थन मूल्यों में साल दर साल की जा रही बढ़ोत्तरी इतनी कम है कि किसान की आय दोगुनी होने की संभावना खत्म हो गई है
• वर्ष 2022 तक के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा हो चुकी है और स्पष्ट है कि किसान को नरेंद्र मोदी जी ने बुरी तरह धोखा दिया है और उसके साथ बड़ी ठगी हुई है
धान की आय से ज्यादा खर्च डीजल का
• नरेंद्र मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है वह इतनी कम है कि किसान पिछले साल की तुलना में घाटे में ही रहेगा
• पिछले एक वर्ष में डीजल के दामों में जो वृद्धि हुई है उसकी वजह से खेती करना बहुत महंगा हो गया है
• अभी इसमें मजदूरी की बढ़ी हुई कीमत, खाद के दामों में वृद्धि अलग से होगी
• उदाहरण के तौर पर धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपये प्रति क्विटल की वृद्धि की है
• यदि एक एकड़ में 15 क्विटल की औसत फसल मान लें तो किसानों की आय में प्रति एकड़ 1080 की बढ़ोतरी होगी

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