मिशन 70 के लिए 'जोगी’ की राजनीतिक घेराबंदी तेज, मरवाही उपचुनाव में जीत के लिए हर दांव आजमाएगी कांग्रेस

अध्यक्ष मोहन मरकाम लगातार चुनावी सफलता का रेकॉर्ड भी अपने नाम करना चाहते हैं। मिशन 70 के कांग्रेस हर दांव आजमाने को तैयार है। इसके लिए वहां 'जोगी परिवारÓ की घेराबंदी तेज होती दिख रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले का प्रभार दिया।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 29 Jun 2020, 06:34 PM IST

रायपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से रिक्त हुई मरवाही विधानसभा में चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। बावजूद, यहां की सियासी जमीन गर्म होने लगी है। मरवाही उपचुनाव को जीतकर कांग्रेस विधानसभा में अपनी ताकत 70 विधायकों तक पहुंचाना चाहती है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम लगातार चुनावी सफलता का रेकॉर्ड भी अपने नाम करना चाहते हैं। मिशन 70 के कांग्रेस हर दांव आजमाने को तैयार है। इसके लिए वहां 'जोगी परिवारÓ की घेराबंदी तेज होती दिख रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले का प्रभार दिया।

बताया जा रहा है, यह जिम्मेदारी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। अग्रवाल चुनाव प्रबंधन और कूटनीति के माहिर खिलाड़ी हैं। नगरीय निकाय चुनाव के समय संख्या बल में कम होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी को कोरबा का महापौर बनाकर उन्होंने इसे साबित भी किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पिछले सप्ताह मरवाही के दो दिवसीय दौरे पर कार्यकर्ताओं को रीचार्ज करने के साथ अजीत जोगी के करीबी पूर्व कांग्रेस नेताओं- कार्यकर्ताओं को साधने की शुरुआती कोशिश की है।

बताया जा रहा है, मरकाम ने पाली- तानाखार के विधायक मोहित केरकेट्टा, महेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल और बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण चौहान को मरवाही के अलग - अलग विकासखंडों में संवाद का अनौपचारिक जिम्मा सौंपा है। इधर पीसीसी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव भी इस मोर्चे पर सक्रिय हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है, चुनाव प्रबंधन के लिए मरवाही में अभी कोई औपचारिक नियुक्ति नहीं हुई है। इस बीच पार्टी उम्मीदवार की तलाश में रायशुमारी शुरू हो चुकी है।

निकल सकता है जाति का जिन्न

बताया जा रहा है, अमित जोगी की जाति विवाद का जिन्न इस चुनाव में खुलकर बाहर आ सकता है। उच्चस्तरीय जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति उनके पिता को गैर आदिवासी बता चुकी है। उस आधार पर अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र को भी चुनौती मिलेगी। जकांछ भी इसके कानूनी बचाव के रास्ते तैयार कर रही है। अमित जोगी और उनकी माता डॉ. रेणु जोगी ने उच्च स्तरीय छानबीन समिति के आदेश के खिलाफ अजीत जोगी की याचिका में उत्तराधिकार के आधार पर याचिकाकर्ता बनने का आवेदन बिलासपुर उच्च न्यायालय में 22 जून को ही दे दिया है।

अमित जोगी ने कहा, मैं षड्यंत्रकारियों को बता देना चाहता हूं कि वो चाहे कितनी भी मेहनत करें, आदिवासी मान और अस्तित्व का बाल भी बांका नही कर पाएंगे। मेरे पिता जी का नाम 'अजीतÓ है। वो अपने जीवन में कभी अन्याय से नही हारे और न उनके जाने के बाद हम उनके मान और पहचान को हारने देंगे। वो योद्धा थे और हमे भी अन्याय के विरुद्ध लडऩे निपुण बना गए हैं।

इस सप्ताह से सक्रिय होगी जकांछ

अपने नेता अजीत जोगी की आत्मा की शांति के लिए सर्वधर्म सभा की तैयारियों में उलझी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ मंगलवार के बाद से मरवाही में सक्रिय हो जाएगी। पार्टी नेताओं ने बताया, पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी, विधायक रेणु जोगी और धर्मजीत सिंह जल्दी ही मरवाही प्रवास पर जाएंगे।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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