कोरोना और बच्चे: हमें क्या करना और नहीं करना चाहिए

रायपुर. दुनियाभर में कोरोना से संक्रमितों और मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसे पहले ही महामारी घोषित कर चुकी है। भारत-इटली से लेकर सभी देशों की सरकारें अपने-अपने स्तरों पर इससे पार पाने की कोशिशों में जुटी हुई है। दूसरी ओर, माता-पिता भी इस संक्रमण से अपने बच्चों को बचाने के प्रयास कर रहे हैं। अभी कोरोना से बच्चों के संक्रमित होने की कम ही पुष्टि हुई हैं। आइए बच्चों को लेकर इस वायरस के कुछ तथ्यों को हम जानते हैं।

क्या कोरोना बच्चों को भी संक्रमित कर सकता है?
हां, बच्चे कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। भले ही उनमें इसके लक्षण न हों। इसलिए बच्चों को हाथ धोने का अभ्यास कराना आवश्यक है। चाहें वे बीमार दिखें या नहीं।
बच्चों को यह अलग तरह से कैसे प्रभावित करता है?
बच्चों को यह वायरस कैसे अलग तरह से प्रभावित करता है अभी इसके बारे में जानकारी अज्ञात है। दूसरी ओर, डब्ल्यूएचओ के अनुसार,60 वर्ष से अधिक और बीमार लोगों को यह संक्रमण आसानी से हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, कैंसर, ह्रदय रोग, अस्थमा और श्वसन से जुड़ी अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को इसके चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा बना रहता है।
क्या बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए?
आमतौर पर बच्चों में अस्थमा जैसे श्वसन की स्थिति अधिकांशत: वायरल जैसी बीमारियों में देखने को मिलती है। कोरोना एक नया वायरस है और अभी इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है कि यह बच्चों में सांस लेने की वैसी ही स्थितियां उत्पन्न करेगा जैसी वायरल में होती है। जॉप हॉपकिंस विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ इसके बच्चों में होने वाले प्रभाव के बारे में जानकारियां कम होने के बावजूद माता-पिता को थोड़ा अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं।
क्या बच्चों को स्कूल नहीं जाने देना चाहिए?
अमरीका में वाइट हाउस ने होमस्कूल की सिफारिश की है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों भीड़भाड़ से दूर रख सकें। कई अभिभावक स्कूलों के बंद होने के बाद मारपीट कर रहे हैं। घरों पर बोर होते बच्चों और उनके माता-पिता के कंधों पर आए अतिरिक्त बोझ को कम करने के भी निरंतर प्रयास चल रहे हैं। इसमें हॉलीवुड अभिनेता एमी एडम्स और जेनिफर गार्नर जैसी हस्तियां शामिल हैं। ये अपने बच्चों के साथ ऑनलाइन किताबें पढ़ते नजर आ रहे हैं।
वायरस बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?
ऐसा माना जा रहा है कि बच्चों में इसके आम लक्षण दिखाई देते हैं। वायरस का प्रकोप बढऩे पर विशिष्ट प्रभाव स्पष्ट होते जाते हैं। इसके बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता, चीन व अन्य देशों से आने वाली रिपोर्टों पर कयास लगाए जा रहे हैं। सभी चिह्नित मामलों का २.४त्न १९ वर्ष से कम उम्र के बच्चों में था। डब्ल्यूएचओ ने इसे बहुत ही कम अनुपात के रूप में वर्णित किया था।

lalit sahu Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned