कोरोना ब्लास्ट: हॉट स्पॉट कोरबा से नहीं थम रहे केस, कांकेर में कंट्रोल रूम स्टाफ भी मिला पॉजिटिव

शनिवार को प्रदेश में 5 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान की गई है। रायगढ़ जिले से 04 व जशपुर जिले से 01 मरीज़ की पुष्टि हुई है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 115 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। बीते 24 घंटों की बात करें तो राज्‍य में अब तक के सबसे ज्‍यादा रिकॉर्ड 45 नए मामले दर्ज किए गए। जिसके बाद राज्‍य में संक्रमितों की संख्‍या 177 तक पहुंच गई है।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 23 May 2020, 07:02 PM IST

रायपुर . प्रदेश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 177 जा पहुंचा है। शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में 40 नए मरीज मिले हैं, जिनमें से अधिकांश मजदूर हैं। इनमें कोरबा के 12, कांकेर के 4, बेमेतरा, बिलासपुर व बलरामपुर का 1-1 संक्रमित हैं। इनमें कांकेर स्वास्थ्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का डाटा एंट्री ऑपरेटर भी है, जिसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट ने स्थानीय शासन- प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। क्योंकि यह डाटा एंट्री ऑपरेटर सीएमएचओ के तो संपर्क में था ही कई बैठकों में भी मौजूद था। इतना ही नहीं 21 मई को इसकी ड्यूटी जिला अस्पताल कांकेर से जिला कोरोना कंट्रोल रूम में लगा दी गई थी। जहां यह कई स्टाफ के संपर्क में आया। अब सभी दहशत में हैं।

'पत्रिका' सूत्रों के मुताबिक डाटा एंट्री ऑपरेटर को 13 मई को गले में खरास की शिकायत हुई। जिसके बाद उसने सैंपल दिए। मगर हैरान करने वाली बात यह है कि रिपोर्ट 22 मई को आई, पूरे 10 दिनों के बाद। इस दौरान वह अपनी पत्नी को लेकर धमतरी गया। जहां एक डॉक्टर के क्लीनिक में जांच करवाई। अपने कई रिश्तेदारों के यहां भी गया। राज्य कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की टीम अब उसकी कांटेक्ट ट्रेसिंग में जुट गई है।

सूची 100 पार हो चुकी है। उधर कांकेर कोरोना कंट्रोल रूम सील कर दिया गया है। प्राइमरी कांटेक्ट वालों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर के संक्रमण का सोर्स धमतरी का क्लीनिक हो सकता है। इस बीच राज्य के लिहाज से अच्छी खबर यह रही कि बिलासपुर कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती जांजगीर-चांपा के तीन मरीज ठीक हुए।

सरकारी अमला हो रहा कोरोना का शिकार :
प्रदेश का सरकारी अमला अब कोरोना का शिकार हो रहा है। इसकी शुरुआत सूरजपुर से हुई। जहां झारखंड के श्रमिकों से कोरोना पुलिसकर्मी, हॉस्टलकर्मी और सफाईकर्मी तक पहुंचा। राजनांदगांव में डिप्टी कलेक्टर का ड्राइवर कोरोना संक्रमित पाया गया, जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर समेत कई लोगों को क्वारंटाइन किया गया। तीसरा मामला कांकेर में सामने आया है, जहां डाटा एंट्री ऑपरेटर संक्रमित मिला है, जिसने न जाने कितनों को संक्रमित किया होगा?

बेमेतरा में मिला पहला संक्रमित मरीज :
बेमेतरा के नवागढ़ तहसील अंतर्गत बोरतरा गांव में 33 वर्षीय प्रवासी मजदूर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिला सीएमएचओ डॉ एसके शर्मा के मुताबिक मजदूर 15 मई को आगरा से जबलपुर होते हुए 18 मई को नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। जहां सैंपल लेकर उसे गांव में क्वारंटाइन किया गया था। पत्नी, बच्चों और संपर्क में आए 11 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। इन सभी के सैंपल लिए जा रहे हैं। कलेक्टर शिव अनंत तायल ने सभी से घरों में रहने की अपील की है।

सभी मरीजों को नजदीकी कोविड-19 हॉस्पिटल में शिफ्ट करवाया गया है। कांकेर में हमारा स्टाफ पॉजिटिव मिला है। वह जिन भी लोगों के संपर्क में आथा, सभी को क्वारंटाइन करवा दिया गया है। सैपल ले रहे हैं।
डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, उप संचालक एवं प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग

फ्रंट लाइन में तैनात सरकारी अमले का हो कोरोना टेस्ट :
प्रदेश में कोरोना की रोकथाम के लिए हजारों सरकारी कर्मचारी-अधिकारी फ्रंट लाइन में तैनात हैं, ये फ्रंट लाइन वॉरियर हैं। मगर, इनमें से बहुत कम का ही कोरोना टेस्ट हो सका है जबकि मौजूदा हालात को देखते हुए इनके आरटी-पीसीआर न सही कम से कम आरडी किट से जांच हो सकती है।

पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को इसके निर्देश भी जारी किए थे, मगर जांच नहीं हो सकी। फ्रंट लाइन कर्मियों में पुलिस जवान, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सैंपल कलेक्टिंग टेक्नीशियन, राजस्व अधिकारी, क्वारंटाइन सेंटर में तैनात अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा स्वयं सेवकों के भी रेंडम सैंपल लेने चाहिए। क्योंकि अगर ये यूं ही कोरोना का शिकार होते चले गए तो कोरोना हावी हो सकता है।

Bhupesh Tripathi
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