छत्तीसगढ़ में कोरोना आंकड़ा 20000 पार, एमडी मेडिसिन डॉ. रमेश ठाकुर की मौत

प्रदेश में 704 नए मरीज मिले, रायपुर में 235 संक्रमित, 10 लोगों ने दम तोड़ा

प्रदेश में हेल्थ केयर वर्कर की मौत का यह पहला मामला, धमतरी में थे पदस्थ

By: ramendra singh

Updated: 23 Aug 2020, 12:51 AM IST

प्रदेश में अब तक-

20,214- कुल संक्रमित
7630- एक्टिव

12394- डिस्चार्ज
190- मौत

22 अगस्त को मिले मरीज

रायपुर 235, दुर्ग 64, रायगढ़ 59, बिलासपुर 39, बीजापुर 34, राजनांदगांव 33, जांजगीर चांपा 32, सरगुजा 31, गरियाबंद 30, कोरिया 22, नारायणपुर 13, कांकेर 12, सुकमा 11, बलौदाबाजार 10, सूरजपुर 9, बालोद 9, कोरबा 8, जशपुर 7, दंतेवाड़ा 7, धमतरी 7, मुंगेली 5, कबीरधाम 4, महासमुंद 3, बेमेतरा 2, बस्तर 1, कोंडागांव 1 (कुल- 704, 1 अन्य राज्य से।)

रायपुर . प्रदेश में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से पैर पसार चुका है। स्वास्थ्य विभाग का अनुमान था कि 30 अगस्त प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 20,000 तक पहुंचेगी। मगर, 8 दिन पहले ही यह आंकड़ा पार होते हुए 20214 जा पहुंचा है। शनिवार को 704 मरीज रिपोर्ट हुए। जिनमें सर्वाधिक 235 मरीज रायपुर जिले थे। रायपुर में अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 7,125 और एक्टिव मरीजों की संख्या 3130 जा पहुंचा है। अगस्त पूरे कोरोना काल में हर गुजरते दिन के साथ भारी पड़ता जा रहा है। रिकवरी रेट 61.3 प्रतिशत पर पहुंच चुका है, जबकि मृत्युदर 0.9 पर।

डॉ. ठाकुर की पत्नी संक्रमित, पति के मौत की जानकारी नहीं

शनिवार को धमतरी के नगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पदस्थ एमडी मेडिसिन डॉ. रमेश ठाकुर कोरोना से जंग हार गए। एम्स में भर्ती होने के 7 घंटे के अंदर-अंदर वे जनरल वार्ड से आईसीयू शिफ्ट किए गए, उसके बाद ऑक्सीजन दी गई और फिर उनकी सांसें थम गईं। छत्तीसगढ़ में हेल्थ वर्कर की कोरोना से मौत का यह पहला मामला है। जिनसे पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया है। डॉ. ठाकुर लगातार सक्रिय थे। विषम परिस्थितियों में मरीजों का इलाज कर रहे थे।जानकारी के मुताबिक वे इलाज करते हुए ही संक्रमित हुए। मगर, वे कोरोना टेस्ट करवाने और भर्ती होने के बजाए अपने घर कांकेर चले गए। वहां उन्होंने घर पर ही अपना इलाज शुरू किया। ऑक्सीजन भी ले रहे थे। जैसे ही उनके घर जाने की जानकारी धमतरी सीएमएचओ को मिली। उन्होंने शुक्रवार रात डॉ. ठाकुर को फोन किया। वे भांप गए कि डॉ. ठाकुर को सांस लेने में तकलीफ हो रही थे। तत्काल उन्हें आदेशित किया कि वे रायपुर पहुंचें। 22 अगस्त की सुबह 6 बजे डॉ. ठाकुर पत्नी के साथ रायपुर एम्स आए। दोनों के सैंपल लिए गए। दोनों पॉजिटिव पाए गए। मगर, डॉक्टर को तमाम कोशिशों के बाद भी बचाया नहीं जा सका। डॉ. ठाकुर के परिजनों को सूचना दे दी गई है, मगर पत्नी को अभी जानकारी नहीं दी गई है। दोपहर 1 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रदेश में शनिवार को डॉ. ठाकुर अलावा 9 और लोगों की मौत हुई। प्रदेश में अब तक 190 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

डॉ. रमेश को किसी ने कभी उदास नहीं देखा

'पत्रिकाÓ ने पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर से बात की, जिन्होंने डॉ. रमेश को पढ़ाया था। वे बताते हैं- रमेश ने सर्विस में रहते हुए पीजी क्वालीफाई किया और एमडी मेडिसिन हुए। आखिर सेमिस्टर में बैक लगा तो हंसते हुए बोले- सर, पास हो जाऊंगा। मैंने उन्हें कभी उदास-निराश नहीं देखा। जैसे वे सबसे मिलते थे, वैसे ही मरीज से भी मिलते थे। हां, वे शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज तो थे। 7 साल पहले तक काफी सिगरेट पीते थे। मगर, उसके बाद न सिर्फ यह छोड़ी बल्कि लोगों को सिगरेट न पीने की हिदायत भी देते थे। मेडिकल कॉलेज सभी प्रोफेसर और स्टाफ कह रहे हैं हमने एक काबिल डॉक्टर साथी खो दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, प्रदेश ने युवा डॉक्टर खो दिया

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने डॉ. रमेश ठाकुर की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि प्रदेश ने एक युवा डॉक्टर एवं कोरोना वॉरियर खो दिया। अपने साथी की मौत से स्वास्थ्य विभाग स्तब्ध है।

शनिवार को इनकी मौत
रायपुर- अयोध्या नगर चंगोराभाठा 35 वर्षीय पुरुष, तेलीबांधा निवासी 40 वर्षीय पुरुष, लौधीपारा निवासी 43 वर्षीय पुरुष, शंकर नगर निवासी 64 वर्षीय महिला। बेमेतरा- ठेंगाभाठा, नवागढ़ 27 वर्षीय गर्भवती महिला। अंबिकापुर- दर्रीपारा निवासी 54 वर्षीय पुरुष। दुर्ग- मुस्लिम पारा निवासी 17 वर्षीय युवक, कैंप 2 भिलाई निवासी 35 वर्षीय पुरुष, कुंदरापारा निवासी 50 वर्षीय महिला। कांकेर- 45 वर्षीय पुरुष डॉक्टर की मौत हो गई।

ramendra singh Desk
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