सामूहिक शादी में कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ीं

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने कोरोना गाइड-लाइन की धज्जियां उड़ाते नजर आए।

By: dharmendra ghidode

Updated: 28 Feb 2021, 06:01 PM IST

बलौदाबाजार. प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना के बढ़ते हुए केस पर चिंता जताते हुए एक ओर जहां कोरोना गाइड-लाइन के पालन के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय बलौदा बाजार समेत जिले में शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने कोरोना गाइड-लाइन की धज्जियां उड़ाते नजर आए। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की लापरवाही तथा जिला प्रशासन की सुस्ती का आलम यह रहा कि विभागीय अधिकारियों ने सारे नियमों को ताक पर रखकर शनिवार को जिले में कुल 129 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया। परंतु सामूहिक विवाह में भोजन, सामान, सुरक्षा को पूरी तरह से ताक पर रखा गया। जिसकी वजह से विवाह में आए लोगों द्वारा जमकर आक्रोश भी व्यक्त किया गया।
पूरे जिले में शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनान्तर्गत 129 जोड़ों के सामूहिक विवाह के दौरान नियमों का जमकर उल्लंघन किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बलौदाबाजार नगर के पं. चक्रपाणि शुक्ला हायर सेकंडरी स्कूल मैदान में कुल 28 जोड़ों का विवाह कराया। खुले मैदान में शासकीय कार्यक्रम होने के बावजूद कहीं पर भी कोरोना गाइड-लाइन का पालन नहीं किया गया। विवाह में उपस्थित विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों समेत वर-वधु और उनके परिजनों द्वारा न तो मास्क का उपयोग किया गया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। जिले समेत प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बावजूद विभागीय अधिकारियों की इस प्रकार की लापरवाही समझ से परे रही। पूरे कार्यक्रम में अव्यवस्था पूरी तरह से हावी रही।
बाराती भोजन के नाम पर केवल दाल-भात सामूहिक विवाह के दौरान नियमानुसार दोनों पक्षों के कुल 20 लोगों यानि 28 जोड़ों के 560 लोग, 28 जोड़े यानि 56 वर-वधु और 100 विभागीय तथा अन्य लोग यानि लगभग 700 लोगों के भोजन का इंतजाम होना चाहिए था परंतु भोजन का इंतजाम इतना कम रहा कि बहुतेरे परिजनों को खाली पेट वापस लौटना पड़ा।सामान खरीदी में कमीशन खोरी की आशंका महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक जोड़ों को 25 हजार रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें 19 हजार रुपए के उपहार सामग्री, 1 हजार रुपए नगद और 5 हजार रुपए वैवाहिक कार्यक्रम में खर्च होते हैं। प्रति जोड़े को विवाह उपरान्त विभाग की ओर से प्रदान किए जाने वाले सामानों में मंगलसूत्र, चांदी की बिछिया, आलमारी, गद्दा, चादर, तकिया, चटाई, हाथ की घड़ी, थाली, कटोरी, चम्मच, गगरी, बाल्टी, चावल चम्मच, बर्तन जाली, कूकर, बेलन, चौकी, कढ़ाई, लोटा, गिलास, परात, भगोना आदि प्रदान किए जाते हैं। नियमानुसार सारे सामानों को प्रदान करने के लिए विभाग को निविदा का प्रकाशन किया जाना चाहिए जो नहीं किया गया। विभागीय अधिकारी अपनी मनचाही दुकानों से ही सामान खरीदी किए जिसमें कमीशनखोरी की आशंका है। कमजोर क्वालिटी के बर्तन तथा सामान प्रदान किए जाने को लेकर बहुतेरे परिजनों ने नाराजगी जताई।


जिला अधिकारी का कहना है विभागीय कर्मचारियों ने बाजार की दुकानों से स्वयं कोटेशन लेकर सामान खरीदी की है। जहां से कम दाम पर सामान मिला है, वहीं से खरीदी की गई है। इसमें कमीशनखोरी वाली बात नहीं है। नियमानुसार जितने इंतजाम होने चाहिए सारे इंतजाम किए गए हैं।एलआर कश्यप, जिला अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलौदाबाजार-भाटापारा

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