कोरोना संक्रमण बढ़ा, शारदीय नवरात्र में भी मंदिरों में अखंड ज्योति जलाने पर संशय

कोरोना संक्रमण के कारण शारदीय नवरात्रि में भी भक्तों के मनोकामना ज्योति प्रज्वलन लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 16 Sep 2020, 08:00 AM IST

रायपुर. कोरोना संक्रमण के कारण शारदीय नवरात्रि में भी भक्तों के मनोकामना ज्योति प्रज्वलन लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। शहर के प्राचीन महामाया मंदिर में तो चैत्र नवरात्रि पर्व के लिए भक्तों के 40 लाख रुपए जमा है, जिन्होंने ज्योति जलाने के लिए पंजीयन कराया था और कोरोना के कारण भक्तों की आस्था ज्योति प्रज्वलित नहीं की गई थी।

तब उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी पंजीयन राशि सुरक्षित है, जिसे क्वार नवरात्रि पर्व में जलाई जाएगी। लेकिन, तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण न तो अभी मंदिर समितियों ने मनोकामना ज्योति कलश स्थापना का पंजीयन चालू करने का कोई फैसला नहीं लिया है। न ही दुर्गा उत्सव में समितियों में उत्साह देखा जा रहा है। दुर्गा पूजा भक्ति के साथ ही उत्सव का पर्व होता है। चैत्र नवरात्रि से अधिक उत्सव इसलिए होता है, क्योंकि शहर में जगह-जगह मां दुर्गा की अनेक रूपों में मूर्तियां विराजित जाती है। आकर्षक झांकियां सजी थी।

माता का दरबार जस गीत, इंडिया और जगराता से नौ दिनों तक जा हुआ रहता है। लेकिन, इस बार करने के कारण पहले चैत्र नवरात्रि पर्व पर लोगों की आस्था प्रभावित हुई और अब फिर से तेजी से संक्रमण पांव पसार रहा है, कोरोना संकट बना हुआ है। इसलिए जहां पहले क्वार नवरात्रि आने में दो महीना पहले से देवी मंदिरों से लेकर दुर्गा उत्सव समितियों में उत्साह का मौहाल बनने लगता था, कैसी स्थिति नहीं है। यहां तक झांकियां बनाने कलाकारों से लेकर मूर्तिकारों में भी संशय की स्थिति बनी हुई है, कि दुर्गा पूजा उत्सव होगा भी कि नहीं।

काली माता मंदिर में जली थीं 2 हजार ज्योति

चैत्र नवरात्रि पर्व 25 मार्च से शुरुहनपाला वा इससे पहले मंदिर के पट भक्तों के लिए बंद हो गए थे। शहर के कई मंदिरों में मनोकामना ज्योति के पंजीयन भी थे, जैसे हुए मंदिर समितियों ने क्वार नवरात्रि के लिए सुरक्षित रख लिया था। काली माता मंदिर में तो भक्तों की आस्था को देखते हुए जहां 3500 से 4000 ज्योति जलती थी, वहां सिर्फ दो हजार ज्योति जलाई गई। महामाया मंदिर में तो केवल प्रधान ज्योति से रस्में पूरी की गई थी। अन्य देवी मंदिरों में भी भक्तों की मनोकामना ज्योति प्रज्वलित नहीं की गई थी।

कोरोना के कारण जन आस्था काफी प्रभावित हुई है। चैत्र नवरात्रि पर्व बहुत ही सादगी से मनाया था। शारदीय नवरात्रि पर्व पर मनोकामना ज्योति पंजीयन को लेकर अभी कुछ तय नहीं हुआ है। पितृ मोक्ष अमावस्या के बाद सेवा समिति की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद ही दुर्गा पूजा उत्सव तय होगा। डीके दुबे, सचिव काली माता मंदिर, समिति

एक महीना का समय बढ़ा, उत्साह नहीं
कोरोना के कारण पिछले मार्च महीने की चैत्र नवरात्रि से आस्था पर्व प्रभावित होने के साथ ही सभी तीज-त्योहार फीके हो रहे। लोग पहले जैसा उत्साह से त्योहार नहीं मना सके। इस बार अधिक मास होने के कारण समय तो एक महीने का अधिक मिल रहा है, लेकिन वह उत्साह नहीं है दुर्गा पूजा का। मंदिर समितियों का कहना है कि अब तक देवी मंदिरों का रंग-रोगन का काम शुरू हो जाता था, लेकिन अभी कोई निर्णय ही नहीं हुआ है। ऐसी ही स्थिति दुर्गा पूजा उत्सव समितियों में भी बनी हुई है, क्योंकि प्रशासन से कोई गाइड सामने नहीं आई।

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