अनलॉक 2: प्रदेश में 87.6 की औसत से मिल रहे कोरोना मरीज, नामुमकिन सा लगने लगा है कोरोना चेन तोडना

हालात यह है कि अनलॉक 2 में 87.6 मरीज प्रतिदिन की औसत से मिल रहे हैं। इस रफ्तार पर फिलहाल काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि अधिकारियों को भी अब तो कोरोना की चेन तोड़ पाना करीब-करीब नामुमकिन से लगने लगा है।

 

By: Karunakant Chaubey

Updated: 10 Jul 2020, 11:10 PM IST

रायपुर. प्रदेश में 24 मार्च की रात 8 बजे लगा लॉकडाउन (2, 3 और 4) 6 दिनों के बाद 31 मई को समाप्त कर दिया गया। 1 जून से अनलॉक 1 लागू कर किया गया। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में शामिल था, जहां सिर्फ 492 कोरोना संक्रमित मरीज ही रिपोर्ट हुए थे, यानी 7.1 मरीज प्रतिदिन। मगर, 1 जून से 30 जून तक रहे अनलॉक1 में कोरोना की रफ्तार 10 गुना बढ़ते हुए 78.8 और अब 1 जुलाई से 9 जुलाई के बीच तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है।

हालात यह है कि अनलॉक 2 में 87.6 मरीज प्रतिदिन की औसत से मिल रहे हैं। इस रफ्तार पर फिलहाल काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि अधिकारियों को भी अब तो कोरोना की चेन तोड़ पाना करीब-करीब नामुमकिन से लगने लगा है।

'पत्रिका' पड़ताल में सामने आया कि शुरुआत में कोरोना शहरी क्षेत्रों तक सीमित था, मगर फिर वह ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचा। उसके बाद तो रायपुर से लेकर बस्तर या यूं कहें कि पूरा राज्य ही कोरोना की गिरफ्त में आ चुका है। यही वजह है कि अब दोबारा से लॉकडाउन की मांग उठनी शुरू हो चुकी है। आम जनता से लेकर अधिकारी भी इसकी आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। मगर, यह निर्णय शासन स्तर पर होना है। फिलहाल इसे लेकर अभी कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही। मगर, विशेषज्ञों का मानना है कि आज नहीं तो कल सरकार को इस पर गहनता और गंभीरता से विचार करना होगा।

अनलॉक 2 में मिले कोरोना मरीज-

तारीख (जुलाई)- मरीज
1- 82

2- 72
3- 40

4- 96
5- 46

6- 92
7- 110

8- 111
9- 140

राजधानी रायपुर में कोरोना ने ऐसे पसारे पैर-

तारीख- पॉजिटिव- एक्टिव- मौत

24 मार्च- 01- 01- 01

11 जून- 104- 91- 01
21 जून- 213- 104- 01

30 जून- 324- 127- 01
09 जुलाई- 567- 296- 02

लॉकडाउन२ में कोरोना को नियंत्रण में करने लिए गए निर्णय-

एंटीजन किट से सभी जिलों में जांच, सामुदायिक स्तर पर स्क्रीनिंग, घर-घर सर्वे, हाट-बाजार, फल-सब्जी विक्रेताओं की रेंडम सैंपलिंग, ऑटो चालकों की सैंपलिंग, पुलिस जवानों की जांच, नाई, फेरी वाले, सफाईकर्मियों की स्क्रीनिंग-टेस्टिंग और क्वारंटाइन होटल के स्टाफ की जांच की जा रही है। ताकि कोरोना मरीजों को ढूंढकर उनका इलाज किया जा सके।

तीन निजी लैब समेत, 2 सरकारी लैब में शुरू हुई कोरोना जांच-

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अगर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए, तो और अधिक मरीज मिलने शुरू हो जाएंगे। क्योंकि ए-सैम्पेटैमेटिक मरीजों को पता ही नहीं है कि वह संक्रमित है या नहीं। हालांकि शुक्रवार से प्रदेश के १२ लैंब में कोरोना जांच शुरू कर दी गई है। इनमें एम्स रायपुर, मेडिकल कॉलेज रायपुर, जगदलपुर, रायगढ़, लालपुर स्थिति सरकारी लैब के अतिरिक्त एसआरएल में पहले से जांच की जा रही थी। अब अंबिकापुर, बिलासपुर मेडिकल कॉलेज के साथ ही बालको रायपुर, कोर डायग्नोस्टिक रायपुर और डॉ. लालपैथ लैब ने भी जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि निजी लैब में जांच का शुल्क घटाकर 2400 रुपए कर दिया गया है।

सामुदायिक स्तर पर शिविर लगाकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में एंटीजन किट भी मुहैया करवा दी गई है। ट्रूनेट मशीन भी लगाई जा रही हैं, ताकि जिलों के सैंपल जिले में ही जांचे जा सकें।

-डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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