विजयदशमी पर डेढ़ लाख ने पाई कोरोना पर विजय, रिकवरी रेट 85.4 प्रतिशत पर पहुंचा

देश में अब तक-

कुल मरीज- 1,76,482

एक्टिव- 24,466
डिस्चार्ज- 1,50,223

मौत- 1,797

By: Bhupesh Tripathi

Published: 26 Oct 2020, 08:18 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर धीरे- धीरे नियंत्रण में होता दिखाई दे रहा है। 18 मार्च से संक्रमण की शुरुआत से लेकर अब तक 1.76 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। मगर, विजयदशमी के दिन 1,301 मरीज स्वस्थ हुए। इसके साथ ही 1.50 लाख मरीजों ने कोरोना वायरस को को मात दे दी। 1.50 वां मरीज विजयदशमी के दिन अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटा। यह राज्य के लिए कई मायनों में बड़ी राहत की बात है, क्योंकि सितंबर में जिस रफ्तार से संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा था, और स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या उस अनुपात में कम थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा था कि अक्टूबर में भी हालात खराब होंगे। मगर, सितंबर में रिकवरी रेट ४६.३ प्रतिशत था, आज यह बढ़ता हुआ ८५.४ प्रतिशत पर जा पहुंचा है। सितंबर में अनुमान यह भी लगाया गया था कि प्रदेश में अक्टूबर के अंत तक संक्रमित मरीजों की संख्या २ लाख से अधिक होगी।

३,३७० मरीज ही अस्पताल में

प्रदेश वर्तमान में संक्रमित मरीजों की संख्या 25 हजार के करीब बनी हुई है। मगर, अस्पतालों में सिर्फ 3,370 मरीज भर्ती हैं। यानी इतने मरीज ही लक्षण वाले हैं। जबकि शेष 22 हजार मरीज होम आईसोलेशन या फिर कोविड- 19 केयर सेंटर में है। उधर, निजी अस्पतालों द्वारा होटल में बनाए गए अस्थाई अस्पताल भी बंद कर दिए गए हैं। क्योंकि अब इनकी जरुरत नहीं।

प्रदेश, जहां 1.50 लाख से अधिक मरीज हुए ठीक-


प्रदेश- स्वस्थ हुए मरीज

महाराष्ट्र- १४,५५१०७
आंध्रप्रदेश- ७,६५,९९१

कर्नाटक- ७,००,७३७
तमिलनाडु- ६,६३,४५६

उत्तरप्रदेश- ४,३३,७०३
दिल्ली- ३,१९,८२८

प. बंगाल- ३,०२,३४०
केरला- २,८७,२६१

ओडिशा- २,६२,०३१
तेलंगाना- २,१०,४८०

बिहार- १,९९,५२१
असम- १,८२,७९१

राजस्थान- १,६५,४९६
मध्यप्रदेश- १,५१,९४६

छत्तीसगढ़- १,५०,१९९

कोरोना के विरुद्ध लड़ाई के 3 बड़े हथियार
1- एसएमएस- सेनिटाइज करना (एस), मास्क पहनना (एम) और सोशल डिस्टेसिंग (एस) का पालन करना। राज्य के लोग यह समझ रहे हैं। मगर, 1-2 प्रतिशत की लापरवाही का परिणाम सबको भुगतना पड़ रहा है।

2- हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वीन- मलेरिया प्रभावित छत्तीसगढ़ में इस दवा का वितरण कई क्षेत्रों में नियमित होता है। हेल्थ वर्कर, कोरोना वॉरियर्स को यह दवा दी गई। संक्रमित मरीज के परिजनों को को बिना लक्षण के भी यह दवा दी जा रही है,ताकि वे सुरक्षित रहें। इसलिए संक्रमण दर घटी है।

3- होम आइसोलेशन- होम आइसोलेशन का विकल्प चुनने वाले 77 हजार मरीज स्वस्थ हुए। करीब 20 हजार अभी भी होम आईसोलेशन में हैं। यह विकल्प इसलिए कारगर है क्योंकि मरीजों को अस्पताल नहीं जाना। अपनों से अलग, लेकिन घर पर रहने की अनुमति है। घरेलू वातावरण जल्दी ठीक कर रहा है।

निश्चित तौर पर संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है, यही वजह है कि आज प्रदेश का रिकवरी रेट 85 प्रतिशत से अधिक है। मगर, हम सबके लिए मृत्युदर में वृद्धि सबसे बड़ा चिंता का कारण है।
डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग

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