रायपुर में बढ़ेगा कोरोना सैंपल की जांच क्षमता, एक और लैब जल्द होगा शुरू

लालपुर के बाद कालीबाड़ी टीबी अस्पताल दूसरा सेंटर होगा जहां पर ट्रू-नाट मशीन से कोरोना सैंपल की जांच की जाएगी।

By: Manish Singh

Updated: 30 Jun 2020, 08:04 PM IST

राजधानी में कोरोना संक्रमित मरीजों का जैसे-जैसे ग्राफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग मरीजों की जांच व इलाज के लिए सुविधाओं का भी विस्तार कर रहा है। कालीबाड़ी स्थित टीबी अस्पताल में ट्रू-नाट मशीन से जल्द ही कोरोना सैंपल की जांच शुरू होगी, इसके लिए तैयारियां करीब-करीब पूरी कर ली गई है। मशीन आ गई है, लैब को तैयार किया जा रहा है। लालपुर के बाद कालीबाड़ी टीबी अस्पताल दूसरा सेंटर होगा जहां पर ट्रू-नाट मशीन से कोरोना सैंपल की जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर आईसीएमआर ने वायरोलॉजी लैब खोलने के निर्देश दिए हंै। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सरकार की तरफ से वायरोलॉजी लैब खोला जाना है। इसके लिए तैयारी भी की जा रही है। रायपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), मेडिकल कॉलेज, लालपुर स्थित कुष्ठ रोगियों के लिए बने अस्पताल और एक निजी लैब में कोरोना सैंपल की जांच होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले प्रतिदिन 250 सैंपल ले रही थी, जिसको बढ़ाकर 900 कर दिया है। जिले के सभी विकासखंड रायपुर शहरी, अभनपुर, आरंग, धरसींवा तथा तिल्दा विगत 3-4 सप्ताह से रेड जोन में हैं। इन सभी जगहों पर अब तक 120 से अधिक कंटेनमेंट एरिया घोषित है। सभी कंटेनमेंट एरिया में स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की तलाश में जुटी है। कोरोना संक्रमित मरीज के मिलने पर उसके हाईरिस्क और प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वालों का भी सैंपल लिया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जितना सैंपल लिया जाएगा, उतना ही अच्छा है। बहुत से लोग ऐसे हैं जो दूसरे राज्यों से आए हैं, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी है।

सिर्फ तीन जिलों में आरटी-पीसीआर से जांच
प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में बीआरडी लैब खोला जाना है, लेकिन अभी तक सिर्फ तीन जिलों रायपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में ही संभव हो पाया है। बीआरडी लैब में आरटी-पीसीआर मशीन से जांच की जाती है।

तैयारी चल रही है
लालपुर के बाद कालीबाड़ी टीबी अस्पताल में ट्रू-नाट मशीन से कोरोना सैंपल की जांच के लिए तैयारी की जा रही है, जो करीब-करीब पूरा हो गया है। सैंपल के साथ-साथ जांच क्षमता भी बढऩा जरूरी है।

- डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ

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