पत्रिका एक्सक्लूसिव: स्वास्थ्य विभाग के 5 अफसरों व राज्य नोडल अधिकारियों के कोरोना टेस्ट, सभी नेगेटिव

यह सभी अधिकारी न्यू सर्किट हाउस में बने स्टेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का हिस्सा हैं। इनके पास कोरोना की रोकथाम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।

By: Karunakant Chaubey

Published: 09 Apr 2020, 09:03 AM IST

रायपुर. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए और तमाम आशंकाओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपने 6 अफसरों का कोरोना टेस्ट करवाया है। यह सभी अधिकारी न्यू सर्किट हाउस में बने स्टेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का हिस्सा हैं। इनके पास कोरोना की रोकथाम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। मगर, ये लगातार फील्ड विजिट पर होते हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग के दौरान लोगों के संपर्क में आते हैं और कमांड सेंटर में पहुंचकर यहां 50 से अधिक अफसरों-कर्मचारियों से मिलते हैं और रिपोर्ट करते हैं। इसलिए इनका टेस्ट करवाया गया। राहत की खबर यह है कि सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है।

पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में प्रमुख सचिव स्तर की अधिकारी समेत कई अफसर और कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। यही वजह है कि राज्य सरकार अपने स्वास्थ्य अमले को लेकर कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहती। यहां यह भी स्पष्ट कर दें कि यह रेंडम टेस्टिंग थी। जरूरत महसूस होने पर और अफसरों की टेस्टिंग करवाई जा सकती है। महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धमेंद्र गहवईं और उप संचालक डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने पूछे जाने पर टेस्ट करवाए जाने की पुष्टि की है। कहा है कि सर्तकता बरतना बेहद जरूरी है।

ये आईएएस, राज्य सेवा के अफसर हैं फ्रंट पर तैनात

कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की कमान स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक के हाथों में हैं, जो एक आईएएस अधिकारी हैंं। उनके अलावा आईएएस अफसर सचिव सीआर प्रसन्ना, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक भुवनेश यादव, प्रभात मलिक, राहुल संदीपन वेंकट, विलाष भोषकर, अभिजीत सिंह और राजेश सुकुमार टोप्पो प्रमुख हैं। इनके अलावा 15 से अधिक उप संचालक स्तर के डॉक्टर-अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर यहां तैनात हैं। यहां पर मुख्यालय से नियुक्त पुलिस अधिकारी, सामान्य प्रशासन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और जनसंपर्क विभाग के अभी अफसर रहते हैं।

कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में इसलिए है खतरा

कमांड सेंटर यूं तो 24 घंटे काम करता है, मगर सुबह 9 से रात 9 बजे तक लगातार काम होते हैं। यहां से ही संपूर्ण स्वास्थ्य विभाग महीनेनभर से अधिक समय से संचालित हो रहा है, तो विभाग के अधिकारी-कर्मचारी फाइलें लेकर पहुंचते हैं। इनके अलावा यहां चाय, कॉफी मुहैया करवाने वाले कुछ वर्कर हैं जो बाहर से आते हैं। कंट्रोल रूप में सफाई करने वाले भी बाहर से ही आते हैं। इसलिए खतरे की ज्यादा आशंका रहती ही है।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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