डाउनफॉल की तरफ कोरोना, 100 संदिग्ध सैंपल की जांच में अब सिर्फ 4 में मिल रहा संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग के कोरोना नियंत्रण कार्यक्रम में जुटे अधिकारियों, डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना का डाउनफॉल शुरू हो चुका है। अब न तो पहले जैसे बल्क (थोक) में मरीज मिल रहे हैं, न ही संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण के बहुत ज्यादा फैलने का खतरा दिख रहा है। मगर, संपूर्ण वैक्सीनेशन तक सावधानी बरतनी ही होगी।

By: Karunakant Chaubey

Published: 30 Dec 2020, 01:07 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ की संक्रमण दर 4.1 प्रतिशत रह गई है। यानी 100 सैंपल की जांच में सिर्फ 4 ही लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। जबकि सितंबर-अक्टूबर में संक्रमण दर 16-17 प्रतिशत तक जा पहुंची थी।

ये आंकड़े राहत देने वाले हैं। बीते एक हफ्ते में कोरोना की ग्रोथ रेट 0.4 प्रतिशत पर है। रिकवरी रेट भी 94 प्रतिशत पार जा पहुंचा है। बस चिंता है तो मौत के आंकड़े, जिन पर नियंत्रण नजर नहीं आ रहा। वर्तमान में राज्य में मृत्युदर 1.19 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य विभाग के कोरोना नियंत्रण कार्यक्रम में जुटे अधिकारियों, डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना का डाउनफॉल शुरू हो चुका है। अब न तो पहले जैसे बल्क (थोक) में मरीज मिल रहे हैं, न ही संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण के बहुत ज्यादा फैलने का खतरा दिख रहा है। मगर, संपूर्ण वैक्सीनेशन तक सावधानी बरतनी ही होगी।

इन जिलों में लगातार हो रही मौतें- रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, जांजगीर और जशपुर।

हमारी आदत में हों ये ३ काम- मॉस्क का नियमित रूप से इस्तेमाल, सोशल डिस्टेसिंग का पालन और हाथ का नियमित साबून या सेनिटाइजर से धोना।

हर दिन बढ़ रहा रिकवरी रेट

प्रदेश में अब हर नए दिन के साथ रिकवरी रेट में बढ़ोत्तरी हो रही है, जो राहत की बात है। 29 दिसंबर की स्थिति में राष्ट्रीय रिकवरी रेट 95.82 है, जबकि छत्तीसगढ़ का 94.1 प्रतिशत। रिकवरी रेट के कम होना का सीधा अर्थ है एक्टिव मरीजों की संख्या कम होना, जो अब 13000 के अंदर आ गई है।

राजधानी में कोरोना नियंत्रण में- प्रदेश की राजधानी में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है। रोजाना 2500 जांचों में 200 के अंदर मरीज रिपोर्ट हो रहे हैं। जबकि सितंबर में 1200 मरीज तक रिपोर्ट हुए। यह आंकड़ा घटा हुआ 200 के अंदर सिमट गया है। एक्टिव मरीज भी 5 हजार शेष हैं।

टेस्ट कम नहीं किए हैं। सभी कोविड सेंटर खुले हुए हैं लेकिन मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। हां, निश्चित तौर पर मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं। इनमें को-मॉर्विडिटी वाले अधिक हैं। अभी भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं।

-डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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