कोरोना से पहली मौत वाला थाना ही दो कमरों में चल रहा, फिजिकल डिस्टेंसिंग होगी कैसे? दहशत में हैं पुलिसकर्मी

- फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए भी जगह नहीं।
- एएसआई की मौत के बाद दूसरे पुलिसकर्मी दहशत में।
- नई बिल्डिंग बनकर तैयार, फिनिशिंग ने अटकाई शिफ्टिंग।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 07 Sep 2020, 08:42 PM IST

रायपुर . शहर में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। एेसे में जमीनी स्तर पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की चिंता बढ़ गई है। जिला पुलिस विभाग में कोरोना से मौत की पहली घटना वाला कबीर नगर थाना महज दो कमरों में संचालित हो रहा है।

करीब 450 वर्गफीट के दो कमरे में पुलिसकर्मियों के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी मुश्किल है। थाने में पदस्थ एएसआई की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद से थाने के पुलिसकर्मियों में दहशत है। वे चिंतित हैं कि कैसे एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर थाने में काम किया जाए? और मुलजिम या संदेहियों को कहां रखा जाए? उल्लेखनीय है कि एम्स रेसिडेंशियल कॉलोनी के सामने थाने की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई, लेकिन ठेकेदार और अफसरों की लापरवाही के चलते शिफ्टिंग का काम नहीं हो पा रहा है। थाना परिसर के आसपास खाली जगह पर पानी भर जाता है। इसमें मुरुम नहीं डाला गया है। एप्रोच रोड का काम भी अधूरा है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति की व्यवस्था भी शुरू नहीं हो पाई है।

एक मौत और पांच पॉजीटिव मिले
कबीर नगर थाना में कोरोना संक्रमण के चपेट में पांच पुलिसकर्मी आ चुके हैं। संक्रमित पुलिस जवान ठीक होकर अपना काम कर रहे हैं। दो पुलिसकर्मी होम क्वारंटाइन में हैं। पिछले सप्ताह कोरोना संक्रमण के चलते एएसआई की तबीयत बिगडऩे लगी थी। शुक्रवार की रात उनकी तबीयत और ज्यादा बिगडऩे से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

छह साल से चल रहा थाना
वर्ष 2018 में कबीर नगर पुलिस चौकी को थाना बना दिया गया। इसके बाद इसे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की पानी टंकी के नीचे बने करीब 450 वर्गफीट के एक बड़े कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। बाद में बड़े कमरे को दो कमरा बनाया गया। एक कमरे में मुंशी, महिला स्टाफ बैठते हैं। दूसरे कमरे में थाना प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, विवेचक व अन्य लोग बैठते हैं। बॉथरूम, लॉकअप, रिकार्ड रूम नहीं है। आरोपियों या संदेहियों से पूछताछ करने, बयान लेने आदि का काम भी थाना प्रभारी के कमरे में ही होता है। वर्तमान में थाने में टीआई सहित ३६ पुलिसकर्मी पदस्थ हैं। एक समय में थाने में कम से कम दर्जन भर स्टाफ मौजूद रहते हैं। इनके अलावा शिकायत करने वाले भी आते हैं। इससे थाने में जगह की भारी कमी रहती है और फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि थाने में कम स्टाफ रहकर कार्य करने कहा गया है। पिछले करीब छह साल से थाना इसी तरह से चल रहा है।

पर्याप्त दूरी जरूरी है
जिस ढंग से कोरोना संक्रमण तेजी से शहर में फैल रहा है, उससे बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। कामकाज हो या अन्य मामले एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। खासकर पुलिसकर्मियों को इसका पालन करना जरूरी है। पुलिसकर्मियों को सैकड़ों लोगों से रोज मिलना-जुलना पड़ता है। इस कारण संक्रमण से बचने निर्धारित दूरी जरूरी है।

खुदकुशी की जांच करते हुए कोरोना संक्रमित
एएसआई उत्तरा नेताम कुछ दिन पहले वाल्मिकी नगर में हुई खुदकुशी की जांच करने गए थे। शव का पंचनामा और अन्य कार्य करके एएसआई लौट आए। बाद में खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति ने खुदकुशी की है, वह कोरोना पॉजीटिव है। और एएसआई नेताम भी उसी से पॉजीटिव हुए थे।

नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग में रूकावट क्या है? इसकी जानकारी ली जाएगी। और जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। थाने में पर्याप्त दूरी बनाकर काम करने की हिदायत दी गई है।
- अजय यादव, एसएसपी, रायपुर

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