कोरोनाकाल में पहले प्रोजेक्ट सेजबहार से धमतरी रोड चौड़ीकरण का काम शुरू

पीडब्ल्यूडी: रोज 14 हजार वाहनों की ट्रैफिक वाली रोड अब मोतीनगर तक होगी 14 मीटर

By: Devendra sahu

Updated: 22 Jun 2020, 07:05 PM IST

रायपुर. कोरोना संकट काल में पीडब्ल्यूडी के एक प्रोजेक्ट को जमीं उतारने का काम शुरू होने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद पुरानी धमतरी रोड का चौड़ीकरण सेजबहार शुरू हुआ है। यह सड़क बोरियाखुर्द तालाब तक अब 14 मीटर चौड़ी होगी, जिससे लोगों को सुबह-शाम आवाजाही में आसानी होगी। 164 करोड़ की लागत से इस सड़क का चौड़ीकरण एशियन डेवलपमेंट बैंक से लोन की राशि से होने जा रहा है। इस क्षेत्र में तेज बसाहट होने के कारण दोनों तरफ ड्रेनेज भी बनाया जा रहा है।
राज्य विभाजन के बाद से पुरानी धमतरी रोड पर वाहनों का ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है। इसी रोड पर शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और सबसे बड़ी सरकारी आवासीय कॉलोनी कमल विहार भी है। वहीं, यहां दर्जनभर से अधिक निजी कॉलोनियों का निर्माण चल रहा है। आसपास के गांवों के लोगों का सबसे अधिक पुरानी धमतरी रोड से ही आना-जाना होता है। लेकिन, सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ी, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। भारी वाहनों के आवाजाही के खतरे के बीच ग्रामीण वासियों का आना-जाना रहता है। विभाग ने चौड़ीकरण के सर्वें में प्रतिदिन 12 से 14 हजार वाहनों की आवाजाही का आंकड़ा सामने आया। इसके बाद राजधानी के बोरियाखुर्द तालाब से धमतरी तक इस सड़क को चौड़ा करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। वह काम अब सेजबहार चौक से एक साइड चालू हुआ है।

मशीनों से ही चल रहा काम
सड़क चौड़ीकरण काम खुदाई से लेकर मिट्टी-मुरम भरने का काम मशीनों से ही चल रहा है। सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जाने वाले रास्ते से पहले एक साइड नाली बनाने और चौड़ीकरण के लिए खुदाई कराने का काम चल रहा है। लेकिन इस रास्ते में निर्माण हुए मकान अभी बाधा हैं। जिसे तोड़ा नहीं गया है, वहां तक खुदाई कराने के बाद निर्माण को रोक दिया गया है।

5 किमी तक ही फोरलेन सड़क
एडीबी प्रोजेक्ट के अफसरों के अनुसार सेजबहार से लेकर बोरियाखुर्द तालाब तक ही यह सड़क फोरलेन होगी, यानी कि 14 मीटर चौड़ी। अभी केवल 7 मीटर है। सेबजबहार से धमतरी तरफ सिर्फ 3-3 मीटर चौड़ी करना तय किया है। दोनों तरफ पानी निकासी के लिए चौड़ी नाली बोरिया तक बनेगी। अफसरों के अनुसार संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता के लिए चेतावनी दी गई। करोड़ों रुपए की लागत की इस सड़क में अभी यह देखने में आया है कि मुरम की जगह नीचे मिट्टी भरकर रोलर चलाया जा रहा है। घटिया निर्माण के कारण वाहनों का दबाव बढऩे से घसने का खतरा बना रहेगा।

Devendra sahu Desk
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