गांव में मिलती है कोरोना वायरस की 100 प्रतिशत शुद्ध दवा, सरपंच को सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ा महंगा, जुर्म दर्ज

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के साथ ही इससे बचाव और इलाज को लेकर कई तरह की अफवाहें सामने आ रही हैं।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 28 Mar 2020, 10:03 AM IST

रायपुर. कोरोना वायरस का आतंक पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर झूठ और अफवाह का बाजार गर्म है। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के साथ ही इससे बचाव और इलाज को लेकर कई तरह की अफवाहें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग अपने अपने हिसाब से इससे बचाव और इलाज के दावे कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भैसों में भी सरपंच को कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया में गलत पोस्ट करना महंगा पड़ गया।

पुलिस ने इस पोस्ट को गंभीरता से लिया और उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भैसों सरपंच अब गांव में सरपंची करने की बजाए जेल जाएगा। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ गैरजमानती धाराओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया में इन दिनों कई तरह के पोस्ट किए जा रहे हैं। कई पोस्ट तो ज्ञानवर्धक हैं तो कई पोस्ट केवल अफवाह के सिवाय कुछ भी नहीं। कुछ इसी तरह के पोस्ट करना भैसों सरपंच को महंगा पड़ गया। पुलिस ने सरपंच को गिरफ्तार किया है।

पामगढ़ पुलिस के अनुसार ग्राम पंचायत भैसों के सरपंच आकाश सिंह शुक्रवार को सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया। जिसमें उसने लिखा था कि ग्राम पंचायत भैसों में कोरोना वायरस का 100 प्रतिशत शुद्ध दवा मिलती है। यह पोस्ट उसके लिए भारी पड़ गया। लोगों ने मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। पामगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच आकाश सिंह को हिरासत में लिया और झूठा अफवाह फैलाने के मामले में धारा 188 एवं धारा 3 महामारी अधिनियम के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड में ले लिया है।

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