बड़ी राहत: अक्टूबर में थोड़ा, नवंबर में और थोड़ा कमजोर पड़ा कोरोना वायरस

- 69 दिनों के बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 20 हजार के नीचे
- अक्टूबर में थोड़ा, नवंबर में और थोड़ा कमजोर पड़ा कोरोना वायरस

By: Ashish Gupta

Published: 15 Nov 2020, 11:46 AM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण (Coronavirus in Chhattisgarh) में गिरावट का दौर जारी है। जो सुखद है, क्योंकि राज्य ने सितंबर त्रासदी को देखा, जब हर रोजाना औसतन 2,700 मरीज रिपोर्ट हो रहे थे। आज 1,700 के करीब। मरीजों का कम मिलना, गंभीर मरीजों की संख्या में कमी और मरीजों के जल्दी ठीक होना की ही वजह है कि एक्टिव मरीजों की संख्या 69 दिन पुराने आंकड़े पर आ गई है। प्रदेश में सिर्फ 19,221 एक्टिव मरीज रह गए हैं। 4 सितंबर को यह आंकड़ा 20,689 था। 22 सितंबर को सर्वाधिक 38,198 एक्टिव मरीज थे। एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी, राहत देने वाले हैं।

अगस्त से संक्रमित मरीजों की संख्या ने जो रफ्तार पकड़ी वह सितंबर के अंत तक जारी रहेगी। यही कोरोना का पीक टाइम था। अब हालात सामान्य होते दिख रहे हैं। अब तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह मना रहे हैं कि त्योहार के बाद संक्रमण की रफ्तार न बढ़े, क्योंकि साल के सबसे बड़े त्योहार में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने के नियमों का कहीं कोई पालन नहीं हुआ।

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1000 से अधिक एक्टिव मरीज वाले जिले- रायपुर 7636, रायगढ़ 2035, राजनांदगांव 1160, जांजगीर चांपा 1111 (कोरबा में 1 दिन में 955 मरीज होम आइसोलेशन से बाहर आए।)

एक्टिव मरीज कम होने की वजह
1, होम आइसोलेशन- प्रदेश में बिना लक्षण वाले (ए-सिम्प्टेमैटिक) मरीजों के लिए होम आईसोलेशन का विकल्प खोला गया। अस्पताल की तुलना में घर के वातावरण में मरीज जल्दी ठीक हुए। 1 लाख से अधिक मरीज घर में रहते हुए ठीक हो चुके हैं।

2- वायरस लोड कम होना- डॉक्टरों की मानें तो अगस्त और सितंबर के महीने में मरीजों में वायरस लोड काफी अधिक था। मगर, अभी काफी कम हो गया है। अब मरीज 7 दिनों के अंदर ठीक हो जा रहे हैं।

3- एचसीक्यू टेबलेट का इस्तेमाल- कोरोना संक्रमित मरीजों को हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) टेबलेट दी जाती है। उनके संपर्क में आए परिजनों और अन्य लोगों को भी यह टेबलेट दी जाती है, जो वायरस को फैलने से रोकती है। मेडिकल हेल्थ वर्कर, कोरोना वॉरियर्स इस दवा को लेकर हैं। बस्तर और सरगुजा संभाग में मरीज कम मिलने की वजह यही टेबलेट है, जो मलेरिया रोगियों को दी जाती है।

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स्वास्थ्य विभाग प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा, एक्टिव मरीजों की संख्या कम होना, यह स्पष्ट करता है कि पहले की तुलना में कम मरीज मिल रहे हैं। जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। लक्षण दिखाने पर कोरोना टेस्ट करवाएं, ताकि जल्द इलाज शुरू हो सके।

ऐसे समझें संक्रमण के कम होने का गणित
04 सितंबर- 40,634 संक्रमित मरीज और 20,689 एक्टिव मरीज थे। 19,945 मरीज स्वस्थ हुए थे।
13 नवंबर- 2,09,288 संक्रमित मरीज और 19,221 एक्टिव मरीज हैं। 1,87,522 स्वस्थ हुए हैं।

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Ashish Gupta Desk
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