रातों-रात निगम ने सप्रे व दानी स्कूल के दीवाल गिराने के विरोध में आज से होगा प्रदर्शन

- सप्रे व दानी शाला के कई पेड़ भी काट दिए गए
- स्कूल की बाहरी दीवाल को रात में चोरी छिपे निगम द्वार ढहाए गए

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 29 Jun 2020, 03:14 AM IST

रायपुर। सप्रे व दानी शाला से लगे दीवाल को नगर निगम द्वारा शनिवार देर रात गिराया है। स्थानीय निवासी व सामाजसेवी संस्था ने जब सुबह देखा की शाला परिसर का दीवल व कई पेड़ों के काट दिया गया है। मैदान को छोटा करने को लेकर आमजन में भारी विरोध को दरकिनार कर राज्य सरकार व निगम की हठधर्मिता के खिलाफ शहर के नागरिकों में भारी गुस्सा व्याप्त है । नागरिक समाज ने इसलिए अब इस आंदोलन को और तेज व विस्तृत करने का फैसला लिया ।

नागरिक समाज की रविवार को संपन्न हुई बैठक में इस पूरे मामले के न्यायालय में विचाराधीन होने व पुरीं योजना को सार्वजनिक कर इस पर जनता की राय लिए बिना निर्माण पर रोक की मांग को लेकर जनता के सतत आंदोलन की आवाज को अनसुना कर रात के अंधेरे में कल दानी व सप्रे स्कूल की बाहरी दीवाल को ढहाने की इस बैठक में तीव्र निंदा और भत्र्सना करते हुए एक प्रस्ताव पारित कर इस कार्यवाही के जिम्मेदारों को दंडित करने और इन कदमों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई ।

नागरिक समाज ने दानी व सप्रे स्कूल की बाहरी दीवाल को ढहाए जाने और दानी स्कूल ने पढऩे वाली छात्राओं की सुरक्षा तक को दांव पर लगाने के इस कदम के खिलाफ आज 11 बजे उसी स्थल पर कोविड नियमों का पालन व सामाजिक दूरी कें नियमों का पालन करते हुए नागरिक प्रतिवाद आयोजित करने का फैसला लिया । नागरिक समाज ने साथ ही आंदोलन के अगले।चरण का विस्तार करते हुए अब इसे पूरे रायपुर में विस्तारित करने का भी फैसला लिया । शहर के सभी वार्डो में इसके खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा ।

शहर के सभी संगठन अब लगातार मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे । सैकड़ों की संख्या में मुख्यमंत्री के नाम पोस्टकार्ड लिखे जाएंगे ।ऑनलाइन पिटिशन अभियान चलाया जाएगा । सोशल मीडिया का इस आंदोलन के विस्तार के बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा । इसके बाद भूख हड़ताल/उपवास किया जाएगा । इसके साथ ही जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा ।आज की इस बैठक का संचालन डाक्टर अजित डेगवेकर ने किया । बैठक में राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों, ट्रेड यूनियनों, छात्र संगठनों, रंगकर्म, कला, साहित्य, वकील, चिकित्सा सहित सभी क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक शिरकत किए । पूर्व अपर सचिव श्री बी के एस र ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए इन मैदानों को छोटा करने का विरोध कर इसे रोकने की मांग की ।

Bhupesh Tripathi
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