संसद में गूंजा शक्कर कारखाना में भ्रष्टाचार का मुद्दा, रामविचार ने कहा, चहेतों को पहुंचाया लाभ

- संसद में गूंजा शक्कर कारखाना में भ्रष्टाचार का मुद्दा
- राज्यसभा सांसद ने कहा, चहेतों को पहुंचाया लाभ

By: Ashish Gupta

Published: 17 Mar 2021, 11:40 PM IST

रायपुर. राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) संसद में मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित केरता जिला सुरजपुर में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार और लोकसभा सांसद संतोष पांडेय ने शिवनाथ नदी में इंटकवेल निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। सदन में सांसद नेताम ने शक्कर कारखाना में हुए भ्रष्टाचार के कारण किसानो को भारी आर्थिक क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूसरे शक्कर कारखाने में मोलासीस को 6500 प्रति टन से लेकर 7000 प्रति टन की दर से बेचा गया, जबकि मां महामाया शक्कर कारखाने में बिना निविदा आमंत्रित किए 5500 कि दर से भ्रष्टाचार कर अपने चहेते फर्म को मोलासीस बेच दिया गया है।

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केंद्र सरकार के द्वारा 33 किलो की दर से शक्कर बेचना तय किया, जबकि बगैर निविदा के भ्रष्टाचार कर 31 किलो की दर से शक्कर बेच दी। बिना वैकेंसी के सैकड़ों नियुक्तियां की गई है और उसमें से ज्यादातर कर्मचारी फैक्टरी में कार्यरत नहीं है और उनका वेतन उनके खाते में जमा किया जा रहा है। नेताम ने कहा कि गन्ना परिवहन के निविदा में भी व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

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इंटकवेल में 42 करोड़ की गड़बड़ी: सरोज पांडे
सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा में बुधवार को शिवनाथ नदी में बने इंटकवेल का मुद्दा उठाते हुए, 42 करोड़ के भ्रष्टाचार की बात कही। उन्होंने कहा कि 24 ग्रामों में पानी की उपलब्धता के लिए केंद्रीय नाबार्ड मद से 28.77 करोड़, 14 करोड़ अतिरिक्त स्वीकृत कर धीरी समूह नल-जल योजना स्वीकृत की गई थी। मगर, कार्यपालन अभियंता ने इंटकवेल का निर्माण शिवनाथ नदी में ऐसे स्थान पर कर दिया, जहां पर ग्रीष्म क्या वर्षा ऋतु में भी पानी नहीं रहता।

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उक्त कार्यपालन अभियंता को मुख्य कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा इंटकवेल वाले स्थान को खारिज कर दिया गया। एनिकेट के नजदीक इंटकवेल निर्माण के निर्देश थे, मगर निर्देश की अवहेलना कर 42 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है। दोषियों पर कार्रवाई हो। सांसद ने डोंगरगढ़ में टोय ट्रेन देने, सैनिक स्कूल और राजनांदगांव केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 7वीं से 9वीं तक 2 सेक्शन अतिआवश्यक स्वीकृति की मांग की रखी।

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