प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट 78.4 से गिरकर 65.5 पहुंचा, मृत्युदर बढ़ी

- स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाया सैंपलिंग-टेस्टिंग : रिकवरी रेट के मामले में छत्तीसगढ़ 10वें पायदान पर .

By: Bhupesh Tripathi

Published: 31 Jul 2020, 08:54 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ चढ़ता ही चला जा रहा है। 1 जुलाई से लागू हुए अनलॉक 2 में प्रदेश के हालात बिगडऩे शुरू हुए। स्थिति यह है कि 3 जुलाई तक कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) 78.4 थी, जो बीते 27 दिनों में गिरकर 65.5 पर आ गई। 12.9 प्रतिशत की गिरावट चिंता बढ़ाने वाली है। इसके साथ ही मृत्युदर में 0.1 की मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। मगर, आंकड़ों के लिहाज से यह ज्यादा है। 3 जुलाई तक प्रदेश में सिर्फ 14 लोगों की जान गई थी, जो 29 जुलाई तक 50 जा पहुंची। बढ़ते संक्रमण ने पूरे सरकारी महकमें की नींद उड़ा दी है। क्योंकि हफ्तेभर से रोजाना 300 से अधिक मरीज रिपोर्ट हो रहे हैं। आंकड़ा 443 तक पहुंच चुका है। प्रदेश का रिकवरी रेट देश में अभी 10वें पायदान पर है, जो पूर्व में चौथे पायदान पर था। दिल्ली, लद्दाख, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात, असम, राजस्थान का रिकवरी रेट 70 प्रतिशत से अधिक है।

आज स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में नहीं कही जा सकती। हालांकि रिकवरी रेट के गिरने की बड़ी वजह है सैंपलिंग और टेस्टिंग। जिसमें जुलाई में ही काफी इजाफा हुआ है। ट्रूनेट मशीन की संख्या बढ़ाई गई है। एंटीजन किट से टेस्टिंग शुरू हुई। तीन और मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर टेस्ट की सुविधा बढ़ाई गई। मगर, इस बीच अच्छी बात यह भी है कि 80 प्रतिशत मरीज ए-सिम्पेटैमेटिक हैं। जिन्हें कोरोना केयर सेंटर में रखकर 5 से 7 दिनों में छुट्टी दे दी जा रही है। आज भी हर रोज 150 से 170 मरीज रोजाना स्वस्थ हो रहे हैं।

दिल्ली- मुंबई में पहले से सैंपलिंग अधिक हुई, छत्तीसगढ़ में अभी
'पत्रिका' पड़ताल में सामने आया कि जुलाई के शुरुआती हफ्ते में रोजाना जहां महज 3000 से 3500 हजार सैंपल जांचे जा रहे थे, वे अब 6 हजार पार हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने विभागीय अफसरों को अगस्त से रोजाना 10 हजार सैंपल जांच का लक्ष्य दिया है। स्वाभाविक है कि मरीज मिलेंगे और रिकवरी रेट गिरेगा। दिल्ली, मुंबई में शुरुआत से ही संक्रमण अधिक था, इसलिए वहां टेस्टिंग अधिक हुई। छत्तीसगढ़ में अब संक्रमण बढ़ा है, इसलिए ज्यादा टेस्टिंग करवाई जा रही है। मरीज मिल रहे हैं। जैसे-जैसे मरीज ठीक होंगे, वैसे-वैसे रिकवरी रेट बढ़ेगा।

रिकवरी रेट गिरने की ये भी हैं वजहें
प्रदेश में मई- जून में 5 लाख से अधिक मजदूरों की दूसरे राज्यों से वापसी हुई। इन्हें क्वारंटाइन सेंटरों में रखा गया। ये बड़ी संख्या में संक्रमित मिले। इसके बाद किर्गिस्तान, रूस, यूएसए से बड़ी संख्या में छात्रों और अन्य फंसे हुए लोगों की वापसी हुई। ये सभी रायपुर के होटलों में पैड क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए। जहां संक्रमित पाए गए। इनके कारण होटल के स्टाफ भी बड़ी संख्या में संक्रमित मिले। राजधानी रायपुर और इससे सटे औद्योगिक क्षेत्र बिरगांव में संक्रमण सर्वाधिक है। दूसरी तरफ दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, बलौदाबाजार के साथ-साथ बस्तर संभाग में भी संक्रमण बढ़ रहा है।

प्रदेश में बीते 10-12दिनों में ट्रूनेट मशीन और एंटीजन किट से जांच शुरू हुई है। यही वजह है कि ज्यादा सैंपलिंग और टेस्टिंग हो रही है। अभी 6 हजार टेस्ट रोजाना लग रहे हैं, अगस्त से 10 हजार लगेंगे। यह इसलिए ताकि समुदाय से ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहचान की जा सके।
डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग

Bhupesh Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned