कोरोना संक्रमित होने के बाद भी शहर में घूम रहे थे रसूखदारों के बेटा और बेटी, परिजनों ने भी छुपाई जानकारी

दोनों को होम आइसोलेशन पर रखा गया था। इसके बावजूद दोनों बेफिक्र होकर घूम-फिर रहे थे। इससे अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका है। उल्लेखनीय है कि युवती के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है, जबकि युवक की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

रायपुर. कोरोना संक्रमित के शक में होम आइसोलेशन में रहने के बजाय रसूखदारों के बेटा-बेटी शहर में घूम-फिर रहे हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस ने अब अपराध दर्ज करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को कोतवाली और पुरानी बस्ती पुलिस ने एक युवक और युवती के खिलाफ अपराध दर्ज किया। दोनों लंदन से लौटे थे।

दोनों को होम आइसोलेशन पर रखा गया था। इसके बावजूद दोनों बेफिक्र होकर घूम-फिर रहे थे। इससे अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका है। उल्लेखनीय है कि युवती के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है, जबकि युवक की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। दोनों के खिलाफ पुलिस ने धारा 188, 269 और 271 के तहत अपराध दर्ज किया।

पहला मामला कोतवाली इलाके के एक कारोबारी की 24 वर्षीया बेटी 16 मार्च को लंदन से रायपुर पहुंची। एयरपोर्ट में उसकी स्क्रीनिंग हुई, लेकिन कुछ लक्षण नहीं दिखे। इसके बाद उसे होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया। युवती अपने घर पहुंची और होम आइसोलेशन की शर्तों का पालन नहीं किया। बताया जाता है कि वह रायपुर में कई स्थानों पर गईं। अपनी सहेलियों से मिली। घर में भी वह अपनी चार नौकरानियों से काम लेती रही। अपने ड्राइवर से भी गाड़ी ड्राइव करवाया।

सूत्रों के मुताबिक २२ मार्च को युवती ब्यूटी पार्लर भी गई थी। इसके अलावा अपनी सहेलियों के साथ भी घूमने-फिरने गई थी। उसी दिन से उसके लक्षण दिखने लगे थे। इसके बाद सैंपल लिया गया। बाद में उसकी रिपोर्ट पॉजिटीव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग गंभीर हुआ और पुलिस के साथ उसके निवास पहुंची।

एयरपोर्ट में पूरा पता नहीं बताया

युवती ने एयरपोर्ट में अपने घर की पूरी जानकारी दर्ज नहीं की थी। बाद में जब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम उसकी तलाश में निकली, तो कुछ पता नहीं चल रहा था। बताया जाता है कि फोन नंबर भी गलत दिया था। पुलिस ने फेसबुक और उसके अन्य दोस्तों की मदद से उसे ढूढ़ा था।

होम आइसोलेशन छोड़कर साइकिलिंग पर निकले थे

दूसरा मामला पुरानी बस्ती इलाके का है। वॉलफोर्टसिटी निवासी २३ वषी्रय युवक १३ मार्च को लंदन से रायपुर लौटा था। उसे 27 मार्च तक होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद वह घूमता-फिरता था। कॉलोनी के सुरक्षाकर्मियों से मिलता था। बुधवार को साइकिलिंग पर निकला था। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि उसके पिता एक बड़े लोहा कारोबारी है।

नर्स को निकालने वाले पर भी एफआईआर

डीडी नगर इलाके में एक नर्स को घर से निकालने वाले के खिलाफ भी पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्स को उसके मकान मालिक पंकज चंद्राकर ने कोरोना संक्रमण होने की आशंका पर मकान से निकाल दिया था। नर्स उसके घर किराए से रह रही थी। इसकी जानकारी होने पर जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने पंकज के खिलाफ धारा 188 के तहत अपराध दर्ज किया है।

छिपाने वालों पर दर्ज होगा मामला

राजधानी में किसी कोरोना संक्रमित मरीज के खिलाफ यह पहली एफआईआर है। विदेश आने और संक्रमण के बावजूद लापरवाही बरतते हुए आम लोगों से मिलने-जुलने और जानकारी छुपाने वालों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी। एएसपी पंकज चंद्रा ने बताया कि लापरवाही बरतते हुए जानकारी छिपाने और निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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