सिर पर आपदा: चारों तरफ से हो रही 'कोरोना' की एंट्री, अफवाहों से हो जाएं सावधान

Covid outbreak: - छत्तीसगढ़ के कई जिलों से राजधानी को ज्यादा खतरा,बस, ट्रेन से लेकर प्लेन से आने वालों की नहीं हो रही जांच।
- सीएमएचओ के प्रस्ताव पर कलेक्टर बुलाएंगे बैठक, तब होगा निर्णय।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 21 Nov 2020, 10:14 AM IST

रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर में कोरोना की री-एंट्री (Covid outbreak) हो चुकी है। एक बार फिर मरीजों की संख्या 200 से अधिक जा पहुंची है, जो बीते 3 दिन से लगातार बढ़ (Corona in chhattisgarh) रही है। मगर, संक्रमण की रोकथाम के लिए सिर्फ सैंपलिंग और टेस्टिंग के अतिरिक्त कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) रायपुर ने कलेक्टर को पत्र लिखकर शहर के एंट्री पॉइंट्स (प्रवेश द्वार) पर कोरोना जांच केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, मगर इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है। शुक्रवार को इस प्रस्ताव पर बैठक संभावित थी, मगर छुट्टी के कारण नहीं हो सकी।

सीएमएचओ (raipur CMHO) के प्रस्ताव पर 'पत्रिका' ने शुक्रवार को ही शहर के सभी एंट्री पॉइंट पर पहुंचकर वहां के हालात देखे। कुम्हारी टोल प्लाजा, विधानसभा चौक और पचपेड़ी नाका से सर्वाधिक लोग शहर में आते हैं। इन एंट्री पॉइंट्स पर बाहर से आने वाले पर निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर, यहां से आने-जाने वालों की कोरोना जांच जल्द से जल्द शुरू नहीं की गई तो हालात को बेकाबू होने में वक्त नहीं लगेगा।

सीएमएचओ की कलेक्टर को एक और चिट्टी
'पत्रिका' ने शुक्रवार को खबर प्रकाशित कर सुझाव दिया था कि शहर के एंट्री पॉइंट्स के साथ-साथ एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच जरूरी है। सीएमएचओ ने इसे लेकर फिर से कलेक्टर को चिट्टी लिखी है, ताकि वे रेलवे प्रबंधन और एयरपोर्ट अथॉरिटी को निर्देशित कर सकें।

इन जिलों से ज्यादा खतरा
रायपुर जिले की सीमाएं बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, बेमेतरा, दुर्ग-भिलाई और धमतरी जिले से मिलती हैं। इनके अलावा महासमुंद, बालोद, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा में काफी मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कहते हैं, इसलिए रायपुर को खतरा अधिक है।

प्रतिदिन 5 हजार टेस्ट की तैयारी में रायपुर
वर्तमान में रायपुर जिले में पदस्थ मेडिकल स्टाफ के जरिए रोजाना 5 हजार कोरोना सैंपल की जांच करवाई जा सकती है। क्योंकि अभी अधिकांश कोविड केयर सेंटर, हॉस्पिटल बंद हैं इसलिए यहां के स्टाफ को एंट्री पॉइंट्स पर तैनात किया जा सकता है।

आपके सारे सवालों के जवाब
अगर शहर के एंट्री पॉइंट्स पर अगर कोरोना एंटीजन टेस्ट होता है तो समय लगेगा। ट्रेफिक जाम होगा। मगर, ऐसा नहीं है। उदाहरण के तौर पर

- कुम्हारी टोल प्लाजा के पास आधा किमी पहले और बाद में 2-2 जांच केंद्र होंगे। जांच में 2 मिनट, रिपोर्ट आने में 10 मिनट, कुल 15 मिनट लगेंगे।
- रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो सीधे आपके जिला सीएमएचओ को सूचना दी जाएगी। आपके पास संबंधित जिले के अस्पताल, कोविड केयर सेंटर और होम आइसोलेशन में रहने का विकल्प होगा।

- रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर रूटीन जांच के साथ कोरोना टेस्ट और थर्मल स्क्रीनिंग संभव है।

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सीधी बात-

शहर के बाहर से कोई भी आए, सबसे शहर को खतरा है
डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर

सवाल : आपने कलेक्टर को शहर की सीमा पर कोरोना जांच केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव भेजा है। क्या उसे मंजूरी मिल गई है?
जवाब : प्रस्ताव दिया है। मगर अभी मंजूरी नहीं मिली है। हमारी टीम काफी बड़ी है। मैं हर एंट्री पॉइंट पर ४-४ टीम बैठा सकती हूं। बस हमें बल चाहिए ताकि कोई विवाद न हो। और टेस्टिंग में ज्यादा समय नहीं लगेगा। दिल्ली में तो हो ही रहा है न।

सवाल : जिलों या फिर प्रदेश के बाहर से आने वालों की जांच होगी?
जवाब :-मुझे लगता है कि हमने पहले सीमा पर जांच की होती है तो इतना संक्रमण न फैला होता। शहर को बाहर से आने वालों हर व्यक्ति से निश्चित तौर पर खतरा है।

सवाल : क्या आपको रेलवे और एयरपोर्ट प्रबंधन से जांच में मदद मिल रही है?
जवाब : रेलवे प्रबंधन, जीआरपी व आरपीएफ मदद नहीं कर रहे हैं। अगर, वे मदद करें तो हम अपने स्टाफ को जांच के लिए स्टेशन पर बैठा सकते हैं।

सीएमएचओ (CMHO) की तरफ से सभी एंट्री पॉइंट्स पर कोरोना जांच केंद्र स्थापित करने की बात कही गई है। इसे लेकर सभी विभागों के साथ बैठक करके आगे निर्णय लिया जाएगा। अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर

Bhupesh Tripathi
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