दुर्गा पूजा पर कोरोना का असर, आर्थिक तंगी से जूझ रहे मूर्तिकार, आंदोलन की तैयारी में

- दुर्गा पूजा (Navratari Festival) पर भी कोरोना (COVID Outbreak) असर

- आर्थिक तंगी से जूझ रहे मूर्तिकार आंदोलन की तैयारी में

By: Ashish Gupta

Published: 30 Sep 2020, 06:21 PM IST

रायपुर। दुर्गा पूजा (COVID Outbreak effect on Durga Puja) पर भी कोरोना असर दिख रहा है। राज्य सरकार की गाइडलाइन (Durga Puja Guidelines) से मूर्तिकारों को ऑर्डर मिलने पर भी समितियां ऑर्डर कैंसिल करवा रही हैं। जो गाइडलाइन जारी किया गया है समिति उससे साफ इंकार कर दे रही है कि हम मूर्तियां नहीं बैठा पाएंगे कलाकारों के लिए यह बहुत संकट की घड़ी आ गई है।

छत्तीसगढ़ चित्रकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष परम यादव ने कहा यदि मूर्तिकारों की मूर्तियां नहीं बिकेगी तो काम करने वाले कलाकारों को कहां से मूर्तिकार पैसा देगी सरकार की गाइडलाइन के चलते गणेशोत्सव में मूर्तियों का आर्डर कम मिला था।

अब दुर्गोत्सव में जो समिति वाले ऑर्डर दिए थे उसे भी अब गाइडलाइन आने के बाद कैंसिल करवा रहे हैं, कोई समिति मूर्ति रखने को तैयार ही नहीं है। गाइडलाइन में इतने नियम बताए गए हैं कि समिति वाले मूर्ति बैठाने से डर रहे हैं।

कई इलाकों के बाजार को खोल सकते है उसके लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं करते नवरात्रि 9 दिन के लिए इतनी सारी गाइडलाइन जारी किए हैं कि समिति वाले चाहकर भी मां दुर्गा जी की स्थापना नहीं कर पा रहे है। अब ऐसी स्थिती में हमारे पास आंदोलन का ही एक रास्ता दिख रहा है।

नवरात्रि पूजा के लिए जारी गाइडलाइन
- मूर्ति की ऊंचाई 6 फीट, चौड़ाई 5 फीट, पंडाल का आकार 15 वर्गफीट।
- पंडाल के सामने पर्याप्त खुली जगह अनिवार्य, सड़क व गली प्रभावित न हो।
- पंडाल में बैठने के लिए पृथक व्यवस्था न हो, कुर्सी न लगाया जाए।
- किसी भी एक समय में पंडाल के सामने 20 व्यक्ति से अधिक न हो।
- एक पंडाल से दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर होना चाहिए।
- मूर्ति स्थापित करने वाला व्यक्ति अथवा समिति को दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी रहेगा ताकि उनमे से यदि कोई कोरोना संक्रमित मिले तो कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
- मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति कम से कम 4 सीसीटीवी कैमरे लगाएगा ताकि उनमें से यदि कोरोना संक्रमित मिले तो कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
- मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मॉस्क के नहीं जाएगा, ऐसा पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति अथवा समिति के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
- मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेेनेटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, एक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था करेगा।
- थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी संबंधित समिति की होगी।
- व्यक्ति या समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग हेतु आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बास बल्ली से बैरिकेडिंग कराकर कराना पड़ेगा।
- यदि कोई व्यक्ति मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो इलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा वहन करना पड़ेगा।
- कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी, यदि पूजा की अवधि के दौरान उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट घोषित हो जाता है तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।

Coronavirus Outbreak
Show More
Ashish Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned