करोड़ों के प्रोजेक्ट, पर आरडीए में नहीं ई-बैकिंग की सुविंधा, लगानी पड़ रही है लाइन

अभी भी मिल रही है कागज की रसीद

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 02 Dec 2020, 10:02 PM IST

रायपुर. एक तरफ जहां पूरा देश डिजिटल क्रांति की ओर आगे बढ़ रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) अभी भी आईटी सेक्टर में फिसड्डी है। लाखों की जमीन खरीदने वालों को अभी भी कैश डिपॉजिट के बाद कागज की रसीद थमाई जा रही है।
आरडीए में करोड़ों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों के लिए आज भी लाइन में खड़े होकर कैश जमा करना मजबूरी बन चुका है। कोरोनाकाल में यह समस्या और बड़ी हो चुकी है, जिसमें काउंटर पर लाइन लगनी पड़ रही है। दरअसल आरडीए अभी तक अपने ग्राहकों को ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा नहीं दे पाया है। यदि आरडीए की प्रॉपर्टी खरीदने के बाद किसी अन्य शहर या विदेश से ऑनलाइन पेमेंट करना चाहे तो यह सुविधा नहीं है।

आरडीए ने हाल ही में बैंक अकाउंट नंबर जारी किया है, जिसमें कैश डिपॉजिट किया जा सकता है, लेकिन इस प्रक्रिया के बाद भी ग्राहकों को आरडीए में आकर बैंक की रसीद बाबू के पास जमा करना पड़ेगा, तभी उनके खाते में जमा राशि का हिसाब रखा जा सकेगा। दरअसल आरडीए में आईटी सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। हाउसिंग बोर्ड में एनआईसी ने सॉफ्टवेयर डवलप कर दिया है, लेकिन आरडीए में बीते कई वर्षों से यह काम अधूरा पड़ा हुआ है।

विभाग में आईटी विशेषज्ञ नहीं

ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा नहीं होने के साथ ही विभाग में आईटी का भी कोई विशेषज्ञ नहीं है। विभाग में एक क्लर्क को यह जिम्मा दिया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा के लिए आरडीए को मोबाइल एप्लीकेशन के साथ ही आरडीए की वेबसाइट में ऑनलाइन पेमेंट का लिंक देना पड़ेगा। आवंटितियों को मोबाइल एप और वेबसाइट दोनों प्लेटफॉर्म में सुविधा मिलनी चाहिए।

आरडीए में नए सीईओ तैनात

आरडीए में पहली बार आईएएस अधिकारी को एडिशनल सीईओ के रूप में तैनात करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इससे पहले डिप्टी कलेक्टर नवीन ठाकुर विभाग में एडिशनल सीईओ के पद पर कार्यरत हैं। नए एडिशनल सीईओ के रूप में 2014 बैच के आईएएस अधिकारी कुलदीप शर्मा जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें एनआरडीए में भी यही जिम्मेदारी दी गई है।

रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ ने बताया कि आरडीए में आईटी सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आवंटितियों को शीघ्र ही ऑनलाइन पेमेेंट की सुविधा मिलेगी।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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