मार्च का चावल पहुंचा नहीं, अपै्रल-मई का चावल एक साथ देने के आदेश के बाद बढ़ी भीड़

विवाद यहां आ गया कि ठेकेदार द्वारा गुढिय़ारी व रामनगर स्थित गोदाम से चावल उठाकर राशन दुकानों में सप्लाई करना था लेकिन नान द्वारा पुराना चावल मंदिर हसौद स्थित गोदाम से चावल उठाने के लिए कह दिया गया।

रायपुर. एक तरफ सरकार ने अप्रैल और मई माह का चावल, शक्कर और नमक एक साथ और मुफ्त देने का आदेश जारी किया है। दूसरी ओर अभी भी जिले की अधिकांश राशन दुकानों में मार्च माह का चावल नहीं पहुंचा है। 1 से 4 तारीख तक पहुंचने वाला चावल 2५ तारीख के बीच तक नहीं पहुंचा है। जबकि शासकीय राशन दुकान संचालकों ने अग्रिम भुगतान बतौर डीडी विभाग में जमा कर दी है।

बता दें कि राशन दुकानों में चावल पहुंचाने का काम नागरिक आपूर्ती निगम को दिया गया है। निगम नें एक ठेकेदार को परिवहन का ठेका दिया है। विवाद यहां आ गया कि ठेकेदार द्वारा गुढिय़ारी व रामनगर स्थित गोदाम से चावल उठाकर राशन दुकानों में सप्लाई करना था लेकिन नान द्वारा पुराना चावल मंदिर हसौद स्थित गोदाम से चावल उठाने के लिए कह दिया गया। जिसके बाद से विवाद की स्थित काफी दिनों तक बनी है। बीते सप्ताह से परिवहन करने वाली कंपनी ने खाद्यन्न सप्लाई करने का काम शुरू किया है।

दो माह का चावल मुफ्त देने के आदेश से अफरातफरी

राशन दुकानों में दो माह का खाद्यन्न मुफ्त में एक साथ बांटने के आदेश सरकार ने जारी किया है। एेसे में राशन दुकानों में बड़ी संख्या में भीड़ पहुंचने लगी है। लोगों को लग रहा है कि कोरोना पर बंदी के कारण राशन नहीं मिलने की स्थिति भी आ सकती है। जबकि हाल ही में हुई मिलिंग के कारण सरकार में पास पूरे प्रदेश के लिए 1 साल से अधिक का चावल स्टॉक में है।

सप्लाई का काम शुरू हो गया है। जल्द ही सभी दुकानों तक चावल व अन्य खाद्यान्न पहुंच जाएगा।

-अनुराग भदौरिया, जिला खाद्य नियंत्रक

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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