सीआरपीएफ तलाश कर रही कैंप के लिए नई जमीन, विभागीय अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे

कैंपों में बाढ़ का पानी भरने, सड़कों के अवरुद्ध होने और माओवादियों के लगातार बढ़ रहे मूवमेंट को देखते हुए इसका लिया गया निर्णय

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 26 Aug 2020, 12:24 AM IST

रायपुर. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दर्जनभर कैंपों को जल्दी ही नए स्थानों में शिफ्ट किया जाएगा। विभागीय अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हुए है। इसके लिए मुख्यालय ने कैंप प्रभारियों को जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए है। उन्हे स्थल निरीक्षण कर संभावित स्थानों की रिपोर्ट भेजने कहा गया है। इसका परीक्षण करने के बाद जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके हस्तांतरित होते ही नए कैंपो का निर्माण शुरू किया जाएगा। बताया जाता है कि कैंपों में बाढ़ का पानी भरने, सड़कों के अवरूध्द होने और माओवादियों के लगातार बढ़ रहे मूवमेंट को देखते हुए इसका निर्णय लिया गया है।

नई बटालियन के लिए कैंप

सीआरपीएफ की नई बटालियन को माओवादी मोर्चे पर तैनात किया जाना था। नई बटालियन को स्वीकृति मिलने के बाद उनके लिए बीजापुर के मिनगाचल में नया कैंप बनाया गया है। उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवनिर्मित कैंप में उन्हे ठहराया जाना था। केंद्र सरकार द्वारा जवानों को भेजने के आदेश जारी नहीं किए जाने के कारण यह कैंप खाली पड़ा हुआ था। इसे देखते हुए कोरोना संक्रमित जवानों को यहां रखा गया था। लेकिन बारिश के बाद उन्हें दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट करना पड़ा था।

प्रभावित क्षेत्रों में नजर

सीआरपीएफ माओवाद के मूवमेंट वाले इलाकों में जमीन की तलाश करने में जुटी हुई है। बताया जाता है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इसकी योजना बनाई गई है। ताकि स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों को कवर किया जा सके।

सीआरपीएफ प्रवक्ता विधानचंद्र पात्रा ने बताया कि बाढ़ की स्थिति और माओवादियों के मूवमेंट को देखते हुए जवानों के कैंपों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए सभी कैंप प्रभारियों को जमीन चिन्हांकित करने कहा गया है। इसे फाइनल करने के बाद जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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